शिवसेना की हरकतों पर अब जेडीयू ने बड़ा बयान दिया है

765

अभी पिछले दिनों में जो भी चीजे भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच में हुई है वो पूरी तरह से अप्रत्याशित थी क्योंकि किसी ने भी नही सोचा था कि शिवसेना और बीजेपी के बीच में दरार इस कदर से पड जायेगी और फिर हालात शिवसेना के कांग्रेस के सामने घुटने टेकने जैसे आन पड़े है जिसके बारे में तो शायद किसी ने कल्पना तक न करी होगी मगर ऐसा हुआ है. खैर जो भी है अब जो भी हुआ है उस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तो आनी चाहिये और वो आ भी रही है.

जदयू ने दी बीजेपी को समन्वय मंच बनाने की सलाह, शिवसेना के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
जेडीयू ने हाल ही में एक बयान जारी किया है जिसमे उन्होंने कहा है कि एक आपसी बातचीत के लिए कमिटी होनी चाहिए और एक मंच  बनना चाहिए जिसमे एनडीए के घटक दलों को आपस में मिलने और बात वगेरह करने के लिए मौका मिले. अभी शिवसेना और बीजेपी के बीच में जो कुछ भी हुआ है वो बातचीत और संवाद की कमी के कारण ही हुआ है.

जेडीयू ने तो ये तक कहा कि बाल ठाकरे वो नेता है जिनका उदय ही कांग्रेस के विरोध के साथ में हुआ था. अब अगर शिवसेना कांग्रेस के साथ में जाती है तो ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण माना जाएगा क्योंकि कांग्रेस की नीतियाँ बाल ठाकरे से बिलकुल भी बल्कि कही से भी मेल नही खाती है. उन्होंने शिवसेना के इस काम के लिए उन्हें गलत ही बताया है और कहा है कि पार्टियां आपस में छोटे और बड़े भाई की तरह होती है और ऐसे में बड़ा भाई उदारता दिखा देता तो मामला बिगड़ने से बच सकता था.

खैर जो भी है अब तो शिवसेना एनडीए से अलग जा ही चुकी है तो ऐसे में एनडीए के ही दल के बयानों पर उस पर कितना असर हो सकता है? ये बात हम लोग बखूबी जानते ही है. हालांकि जेडीयू ने बातचीत के लिए एक मंच पर आने और संवाद स्थापित करने पर बहुत जोर दिया है.