शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंची, तुरंत सुनवाई की मांग

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अभी एक से दो दिन में महाराष्ट्र में बिलकुल ही हद दर्जे की खलबली मची हुई है. हर कोई इससे हैरान परेशान भी है क्योंकि जिस तरह का रवैया राजनीतिक पार्टियां अपना रही है वो तो किसी को भी ठीक नही लगेगा मगर अब हो रहा है तो हो रहा है. आम जनता का तो बस इसमें चलता नही. अगर आपको जानकारी न हो तो बता दे राज्यपाल के अनुसार महाराष्ट्र में कोई भी पार्टी बहुमत साबित करने की स्थिति में नही है और ऐसे में उन्होंने राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए अपनी तरफ से सिफारिश भेज दी है.

शिवसेना अर्जी लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट, राज्यपाल के फैसले को किया चेलेंज
शिवसेना स्थिति के चलते हुए भांप कर के बैठी थी कि ऐसा कुछ हो सकता है और ऐसे में शिवसेना राज्यपाल का फैसला आते ही तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपनी अर्जी लेकर के पहुँची है जहाँ पर उन्होंने राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश को चेलेंज किया है. उनका कहना है कि उन्हें अपना बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त समय नही दिया गया है और तो और बहुमत तो सदन में साबित किया जाता है. राज्यपाल कैसे ऐसे ही फैसले ले सकते है? बीजेपी को 48 घंटे का समय दिया गया तो हमें 24 घंटे का समय क्यों दिया गया?

राजभवन ने भी जारी किया अपनी तरफ से आधिकारिक बयान
महाराष्ट्र के राजभवन की तरफ से भी इस मामले में आधिकारिक लिखित बयान जारी किया गया है जिसमे उन्होंने कहा है कि उन्हें संविधान के मुताबिक़ सरकार बनने के कोई आसार नजर नही आ रहे थे जिसके चलते उन्होंने ये फैसला लिया है. सरकार ने भी इस पर मीटिंग बुलाकर के इसे अप्रूवल दे दिया है ऐसा सूत्र बताते है.

हालांकि शिवसेना इस पूरे मसले को सुप्रीम कोर्ट में ले जा रही है जिसके बाद में जाहिर तौर पर फैसला चाहे जो बहे हो लेकिन शिवसेना को कांग्रेस और एनसीपी का समर्थन तो चाहिए ही होगा क्योंकि उनके बिना वो कुछ भी नही कर सकेगी.