एनसीपी और कांग्रेस पार्टी ने की एक साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, ठाकरे को दिया बड़ा झटका

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पिछले समय से महाराष्ट्र की राजनीति में बहुत ही तेज हलचल देखने को मिली है. पहले बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूट गया. इसके बाद में शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ में सरकार बनाने की कोशिश की लेकिन हो नही पाया. फिर एनसीपी भी जब इस मामले में कुछ ख़ास कर नही पायी तो राज्यपाल ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखते हुए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी. इसके बाद में आज शाम लगभग साढ़े 7 बजे एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर के एक प्रेस वार्ता की जैसी की सभी को पूरी पूरी उम्मीद थी.

एनसीपी और कांग्रेस ने की संयुक्त प्रेस वार्ता, शिवसेना को फिर से टरका दिया
इन दोनों की प्रेस वार्ता में दोनों ही पार्टियों के शीर्ष नेता मौजूद थे. उनकी तरफ से कहा गया कि राज्यपाल ने जो कुछ भी किया गया वो पूरी तरह से असवैधानिक है. हमें पूरा समय नही दिया गया. कांग्रेस को उन्होंने सरकार बनाने के लिए न्योता नही दिया ये भी पूरी तरह से गलत है. केंद्र सरकार ने नियमो का भी पूरी तरह से पालन नही किया है. संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश हुई है.

इसके बाद में दोनों ही पार्टियों ने ये कहा कि हमारे पास में शिवसेना की तरफ से समर्थन देने के लिए फोन आया था लेकिन हम अभी इस पर चर्चा कर रहे है. हम उसे ऐसे समर्थन नही दे सकते है. हम इस पर चर्चा कर रहे है और एक कॉमन मिनीमम प्रोग्राम की इसमें जरूरत है. हम समर्थन से पहले शिवसेना से कुछ मुद्दों पर स्पष्ट होना चाहते है. अभी शिवसेना की स्थिति साफ़ नही है. पहले हम यानी कांग्रेस और एनसीपी आपस में अपने मुद्दे साफ़ कर ले और इसके बाद में ही हम शिवसेना से बात करेंगे. शिवसेना को बताना होगा वो किस नीति से सरकार चलायेगी?

कुल मिलाकर के परिणाम ये निकलता है कि दोनों ही पार्टियां शिवसेना को समर्थन देने के मूड में तो है लेकिन वो ये जानते है कि शिवसेना को उनकी जरूरत है तो वो अकड दिखाने में लगे हुए है. इस हिसाब से तो शिवसेना पर कांग्रेस और एनसीपी पूरा कण्ट्रोल करके रखेगी.