कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने को लेकर लिखित में पत्र जारी किया

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पिछले दो से तीन दिन से महाराष्ट्र में राजनीति कुछ ज्यादा ही गरमाई हुई है और ये बात हम सभी लोग देख भी रहे है. एक तरफ बीजेपी की मीटिंग्स चल रही है. दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्रेस के दर पर जा जाकर उनसे समर्थन मांग रहे है और कांग्रेस एनसीपी तो अपनी गुफ्तगू चला ही रही है. अब उद्धव ठाकरे लगातार टकटकी लगाये हुए देख रहे है कि कांग्रेस कुछ तो करे ताकि हम सरकार बनाने के मामले में आगे बढे. उद्धव ने इस मामले में सोनिया गांधी को फोन भी किया था.

कांग्रेस ने जारी किया लिखित पत्र, कहा अभी सिर्फ चर्चा हो रही है
जहाँ एक तरफ से खबरे उड़ रही है कि कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन दे दिया है वही दूसरी तरफ कांग्रेस की ही तरफ से एक ऑफिसियल पत्र जारी किया गया है जिसमे लिखा है ‘कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने आज एक विस्तार से इस मामले पर डिस्कसन किया है कि महाराष्ट्र में राजनीति के हालत क्या है?कांग्रेस अध्यक्षा ने शरद पंवार से बात भी की है. आगे हम एनसीपी से इस मामले में बात करेंगे.’ इससे ये साफ़ हो गया है कि अभी ये पक्का नही है कि कांग्रेस शिवसेना को समर्थन दे देगी.

क्या है इतनी देर लगाने के पीछे की वजह?
शिवसेना को समर्थन देने से कांग्रेस को कई फायदे है जैसे वो महाराष्ट्र की सत्ता में पहुँच बना लेगी, सबसे बड़ी विरोधी भाजपा को सत्ता में जाने से रोक पायेगी और शिवसेना की छवि को भी नुकसान पहुंचा देगी क्योंकि मूल रूप से तो दोनों एक दुसरे के शत्रु ही है. मगर इसके कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते है जैसे कांग्रेस का अल्पसंख्यक वोटबैंक इस गठबंधन पर उनसे खफा हो सकता है. ऐसी स्थिति में कांग्रेस फूंक फूंककर के ही कदम रखेगी.

इस हिसाब से अगर देखे तो अभी एनसीपी के साथ में एक वार्तालाप और होगा और आने वाले लगभग 24 घंटो के अन्दर पता चल जाएगा कि आखिर एनसीपी और कांग्रेस शिवसेना को समर्थन दे रहे है या फिर नही? खैर उद्धव ठाकरे की तो जान ही अटकी हुई है.