शिवसेना का बीजेपी के खिलाफ बड़ा एक्शन, एनडीए गठबंधन टूटने के संकेत

158

पिछले दिनों में महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर के हर तरफ से रस्साकशी चल रही थी और लोग इस पर काफी ज्यादा हैरान भी थे क्योंकि कभी भाई भाई की तरह नजर आने वाले शिवसेना और भाजपा में ऐसी लड़ाई पहले कभी भी नही देखी गयी थी. दोनों ही पार्टियां महाराष्ट्र में अपनी तरफ से मुख्यमंत्री बनाने पर अड़ गयी और ये अड़ियल रवैय्या इतना ज्यादा खतरनाक साबित हुआ कि भाजपा ने सरकार बनाने से ही इनकार कर दिया. ये कही न कही गठबंधन को राज्य स्तर पर अलग कर लेने जैसा ही था मगर अब शिवसेना और तैश में है.

शिवसेना की तरफ से केंद्र में मंत्री अरविन्द सावंत ने दिया इस्तीफा, एनडीए से अलग होने के संकेत
शिवसेना एनडीए गठबंधन का हिस्सा थी जिसके चलते उन्हें केंद्र में मंत्री पद मिला था. शिवसेना की तरफ से ये मंत्री अरविन्द सावंत थे और जिस तरह के महाराष्ट्र में भूचाल आया है उसके बादमें सावंत का आज सवेरे सात बजे के करीब अपने पद से इस्तीफा देने की बात कहना एक ही तरफ इशारा करता है कि अब शिवसेना भाजपा से जुदा होने की राह पर चल पड़ी है.

एनसीपी ने रखी है शिवसेना से भाजपा से रिश्ते तोड़ने की शर्त
एनसीपी के ही एक सीनियर नेता ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अगर शिवसेना को महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिये हमारा समर्थन चाहिये तो उन्हें भाजपा से अपने सारे रिश्ते तोड़ने होंगे और तो और केंद्र में जो शिवसेना के मंत्री भाजपा सरकार में है उनसे भी इस्तीफे दिलवाने होंगे तो ही हम शिवसेना को समर्थन देने पर सोच सकते है. इधर एनसीपी ने मांग रखी और उधर शिवसेना ने तो इस पर काम करना भी शुरू कर दिया.

ये कही न कही एनडीए गठबंधन टूटने के संकेत है और इसके टूटने के साथ ही साथ में शिवसेना पूरी तरह से कांग्रेस और एनसीपी पर निर्भर हो जायेगी. यानि कल को अगर दोनों में से कोई भी पार्टी शिवसेना के पीछे से हाथ खींचती है तो शिवसेना अल्पमत में आ जाएगी.