महाराष्ट्र में भाजपा का बड़ा फैसला, शिवसेना को लगा तगड़ा झटका

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पिछले लगभग दो हफ्ते से महाराष्ट्र में सत्ता को लेकर के खींचतान चल रही है और खींचतान करने वाली पार्टियाँ भी दोनों आपसी गठबंधन की ही थी. एक शिवसेना और दूसरी भाजपा. दोनों ही पार्टियां काफी ज्यादा आतुर तो थी सरकार बनाने को लेकिन मांगे भी आपस में भिडंत वाली थी. एक तरफ शिवसेना सत्ता में अपना मुख्यमंत्री और पॉवर में पचास प्रतिशत बंटवारा चाहती थी वही बीजेपी शिवसेना को काफी कम हिस्सेदारी देना चाहती थी. शिवसेना की तरफ से साफ़ कर दिया गया था कि अगर उनकी मांगे मानी गयी तो ही वो सरकार बनाने में समर्थन देंगे.

बीजेपी ने किया सरकार बनाने से इनकार, बोले पर्याप्त संख्या नही
भारतीय जनता पार्टी का दल जिसमे चंद्रकांत पाटिल और देवेन्द्र फडनवीस आदि सभी नेता थे वो राज्यपाल से मिलने के लिये पहुंचे जहाँ पर उन्होंने कहा कि हमारे शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन शिवसेना अब गठन में सहयोग को तैयार नही है. अब हमारे पास में बहुमत नही है इसलिए हम सरकार नही बना सकते है.भाजपा ने सत्ता में बैठने से इनकार करते हुए शिवसेना को शुभकामनाये दी और ये भी कहा कि उन्होंने बीजेपी के साथ में विश्वासघात किया है.

अमित शाह से मिलकर तय हुई थी रणनीति, चूर चूर हो गये ठाकरे के सपने
राज्यपाल से मिलने से पहले महाराष्ट्र के शीर्ष भाजपा नेताओं ने अमित शाह से मिलकर के चर्चा की थी जिसमे यही निर्णय हुआ कि शिवसेना की मांगो के आगे सरकार बनाने के लिए नही झुकेंगे और अब फैसला सामने है. शिवसेना जो भाजपा पर दबाव बनाकर के सत्ता के शीर्ष पर जाने का सपना देख रही थी वो देखते ही देखते टूट गया है.

हालांकि ऐसा नही है कि अभी भी कोई चांस नही है. शिवसेना ने कई बार दावा किया है कि वो चाहे तो सरकार बना सकते है और ऐसे में अगर वो कांग्रेस और एनसीपी से समर्थन लेकर के कुछ कर दे तो ये अपने आप में हैरान करने वाली बात होगी क्योंकि शिवसेना तो शुरू से इनकी विरोधी पार्टी ही रही है.