राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया

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पीछे 24 घंटे से लगातार देश भर में उत्साह का माहौल बना हुआ है क्योंकि जिस तरह से एक लंबित और आस्था से जुड़ा हुआ राम मंदिर का मामला रहा है उस पर सुप्रीम कोर्ट अपना अंतिम फैसला देने वाला था. 8 नवम्बर की दोपहर को ही ये साफ़ हो गया था कि सुप्रीम कोर्ट कल यानी 9 नवम्बर की सुबह साढ़े 10 बजे अपना फैसला सुनाएगा और इस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई थी. हर किसी की इन्तजार की घड़ियाँ आखिरकार खत्म हुई और सुप्रीम कोर्ट ने ठीक साढ़े दस बजे फैसला पढना शुरू भी कर दिया.

आ गया फैसला, 20 मिनट में सुनाया पूरा फाइनल डिसीजन

  1. सबसे पहले शिया वफ्फ़ बोर्ड के दावे को खारीच कर दिया गया.
  2. इसके बाद में निर्मोही अखाड़े का दावा भी जमीन पर खारिच कर दिया गया, उनका कोई क्लेम नही बनता है.
  3. हिन्दुओ की आस्था के अनुसार अयोध्या में ही राम भगवान् का जन्म हुआ था, ये बात निर्विवाद है. इसका किसी ने विरोध नही किया.
  4. सुप्रीम कोर्ट ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को माना और कहा कि बाबर के वक्त मस्जिद बनी लेकिन उससे पहले नीचे एक ढांचा था जिसके ऊपर ये मस्जिद बनी थी. एएसआई ने माना है कि नीचे पहले मंदिर का ढांचा था. बाबर ने मस्जिद खाली जमीन पर नही बनाई थी.
  5. आस्था के आधार पर कोई भी फैसला नही किया जाएगा, जमीन का मालिकाना हक़ कानूनी आधार पर दिया जाएगा.
  6. अंग्रेजो के समय की किताबो में सीता रसोई का जिक्र है. अंग्रेजो के जमाने तक 18वी सदी तक नमाज के कोई भी रिकॉर्ड नही है.
  7. मुस्लिम पक्ष यहाँ अपना एकाधिकार साबित नही कर पाया है.
  8. बाहरी अहाते पर हिन्दुओ का अधिकार है.
  9. विवादित जमीन का कोई भी बंटवारा नही होगा, मुस्लिमो को दूसरी जगह पर जमीन दी जायेगी.
  10. तीन महीने में मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिये दूसरी जगह जमीन दी जाएगी और रामलला का दावा बरकरार रहा.

फैसले के बाद से देश भर में सख्ती पर प्रशासन, जगह जगह पर धरा 144 लागू
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही साथ में कोई भी समुदाय या फिर असामाजिक तत्व माहौल न बिगाड़ दे इसके लिये देश भर में ख़ास तौर पर यूपी में जगह जगह पर पुलिस गश्त कर रही है, धारा 144 लगा दी गयी है, कई जगहों पर इन्टरनेट सेवा पर भी रोक है, यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है ताकि असामाजिक तत्व किसी भी तरह से माहौल न बिगाड़ सके.

अब इस फैसले का देश भर में विश्लेषण शुरू हो गया है. हर कोई अपनी अपनी राय प्रकट कर रहा है लेकिन कहा ये जा रहा है कि सभी लोग जिस हद तक हो सके उतनी शान्ति बनाये रखे. हालांकि फैसला मंदिर के पक्ष में आ चुका है.