सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद में इकबाल अंसारी ने क्या कहा

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दशको से सुप्रीम कोर्ट में लंबित राम मंदिर का मामला आखिरकार खत्म हो गया जिसमे दोनों ही हिन्दू और मुस्लिम पक्ष अपनी अपनी दलीले अपने अपने तरह से दे रहे थे. सुप्रीम कोर्ट ने सभी की दलीले सुनी और आखिरकार आज सुबह ग्यारह बजे तक सबके सामने अंतिम फैसला आ गया जिसमे हिन्दू पक्ष विजयी हुआ और राम लला विराजमान को पूरी जमीन सौंप दी गयी. सुन्नी वफ्फ़ बोर्ड को किसी दूसरी जगह जमीन देने का फैसला हुआ है. सरकार ट्रस्ट बनायेगी जिसमे राम लला विराजमान को मुख्य प्रतिनिधि माना जाएगा और कुछ हिस्सा निर्मोही अखाड़े को भी दिया जाएगा लेकिन उनका कोई ख़ास रोल नही होगा.

इस फैसले पर इकबाल अंसारी ने जताई ख़ुशी
इकबाल अंसारी जो इस पूरे मामले में मुस्लिम पक्ष में एक वादी थे और उन्होंने दशको तक ये लड़ाई लड़ी जिसके बाद में वो हार गये. अब उन्होंने इस फैसले पर बयान देते हुए कहा ‘मैं इस बात से खुश हूँ कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुना दिया है. मैं उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का सम्मान करता हूँ’ इकबाल अंसारी ने इससे ज्यादा कुछ भी नही कहा और न ही वो कहना चाह रहे थे.

मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने जताया इस फैसले से असंतोष
जहाँ एक तरफ इकबाल अंसारी इस फैसले पर ख़ुशी जाहिर कर रहे है वही दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष के वकील कह रहे है कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते है लेकिन हम इस फैसले से संतुष्ट नही है. खैर अब इससे कोई फर्क तो नही पड़ता हिया क्योंकि ये अंतिम निर्णय है और इस पर कोई अपील की जानी भी संभव नही है जो इसे सबके लिये पूरी तरह से मान्य बनाता है.

अब सरकार तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट का गठन करेगी जो राम मंदिर के निर्माण का कार्य करेगा और एक भव्य मंदिर बनेगा जिसमें हिन्दुओ का आना जाना होगा और यही ट्रस्ट उसकी देखभाल भी करेगा.