राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले रेलवे का बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की राम जन्मभूमि पर विवाद पिछले लम्बे समय से चल रहा है और बस तीन दशक से ये सब चले ही जा रहा है. मगर अब जाकर के सभी पक्षों की तरफ से सुनवाई खत्म हो चुकी है और सुनवाई के खत्म होने के साथ ही साथ में जजों की बेंच ने फैसला लिखना शुरू कर दिया है. इसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल है. अब किसी भी समय फैसला आ सकता है और ऐसी परिस्थिति में सभी विभाग अपनी आपनी तरफ से सुरक्षा के इंतजाम करने में लगे हुए है.

रेलवे ने आरपीएफ के जवानो की सभी छुट्टियां रद्द की, अतिरिक्त फ़ोर्स हो रही है तैनात
भारतीय रेलवे ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न करने का निर्णय लिया है. देश भर में और ख़ास तौर पर यूपी में चलने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त फ़ोर्स तैनात की जा रही है. गोधरा में जो कुछ भी हुआ उसके बाद में रेलवे जानता है कि अनहोनी किसी को बताकर के नही आती है इसलिये जब राम मंदिर जैसे फैसले आने हो तो सतर्क रहना और अपने लोगो को सुरक्षित रखना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिये.
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अयोध्या में भी अलर्ट, चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात
अब क्योंकि फैसला अयोध्या से जुड़ा हुआ है तो सबसे ज्यादा फोकस भी वही पर ही रहने वाला है. अयोध्या में फ़िलहाल भारी संख्या में पुलिस की तैनाती हुई है. आप वहाँ की किसी सड़क पर या फिर किसी चौराहे पर निकलेंगे तो पुलिस की गाड़ियां और टुकड़ियां आपको गश्त लगाते हुए नजर आ जायेगी जिससे पता चलता है कि सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है और ऐसी परिस्थिति जिसमे दोनों पक्ष की भावनाए जुडी है उस पर थोडा सतर्क रहने की कोशिश कर रहे है.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अयोध्या मामले पर फैसला 9 नवम्बर से 15 नवम्बर के बीच में कभी भी आ सकता है और इस फैसले को लेकर के दोनों ही पक्ष काफी ज्यादा उत्साहित है और अपनी अपनी तरफ से तैयारियों में लगे हुए है.