स्टेचू ऑफ यूनिटी ने एक साल में इतना पैसा कमाया, ताजमहल भी पीछे छूट गया

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भारत अपने आप में एक बहुत ही बड़ा और विशाल देश है जहाँ पर टूरिस्ट डेस्टिनेशन के नाम पर तो जगहों की भरमार है और इस बात में कोई भी शक नही है मगर जब हम लोग बात करते है अभी के सबसे लेटेस्ट जगह की तो उसमे सबसे पहला नाम स्टेचू ऑफ यूनिटी का ही आता है. हाल ही में तीन हजार करोड़ की लागत से तैयार हुई मूर्ति जो सरदार पटेल को प्रदर्शित करती है. इसे विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का दर्जा भी मिल चुका है मगर असली खबर तो कुछ और है.

स्टेचू ऑफ यूनिटी ने एक साल में कमाये 63 करोड़, ताज को पछाड़ा
अब तक ताजमहल भारत का सबसे कमाऊ टूरिस्ट प्लेस कहा जाता था जिससे सरकार को आमदनी होती थी लेकिन अब उससे ये खिताब छीनकर के सरदार पटेल की प्रतिमा पहले नम्बर पहुँच चुकी है. इस स्टेचू ऑफ यूनिटी ने एक साल में पूरे 63 करोड़ रूपये सरकार को कमाकर के दिए है जो टूरिस्ट्स के टिकट वगेरह से कमाए गये है. वही बात करे ताजमहल की तो उसने 56 करोड़ रूपये कमाकर के सरकार को दिए है जो अपने आप में बताता है कि अब देश का सबसे लोकप्रिय स्थान ये स्टेचू बन चुका है.

जब इसे बनाया जा रहा था तो इसकी कीमत और खर्च को लेकर के काफी ज्यादा विवाद खड़े किये जा रहे थे मगर जब हम इसने अच्छी कमाई देनी शुरू कर दी है तो सबकी बोलती बंद हो गयी है. अगर बात करे रिकवरी की तो इसकी निर्माण लागत को कुछ दशको के भीतर कवर किया जा सकेगा अगर इसी गति से ये जगह कमाई करती रही. इससे आस पास के लोगो को पैसा भी मिलेगा, रोजगार भी मिलेगा और साथ ही साथ में सरकार को कमाई भी हो ही रही है जो अच्छी बात है.

अभी इसके अलावा अयोध्या में राम के और मुंबई में शिवाजी के स्टेचू की बात भी हो रही है हालांकि उस पर क्या कुछ और कितना पैसा खर्च होना है? ये सब रहस्य है मगर देश में स्टेचू परम्परा कोई नयी नही है. आप चाहे तो किसी भी चौराहे पर जाकर के देख सकते है.