बीजेपी नही सुन रही तो शिवसेना ने लिखी आरएसएस को चिट्ठी, कर दी ये अपील

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शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी का झगडा दिन ब दिन बढ़ता ही चला जा रहा है और ऐसे समय में कही न कही नुकसान महाराष्ट्र की जनता का हो रहा है क्योंकि उन्हें अगली सरकार नही मिल पा रही है. ऐसी स्थिति में शिवसेना चाह रही है कि सत्ता का तो आधा बंटवारा हो और साथ ही साथ में बीजेपी उनके साथ में सीएम का पद भी शेयर करे तब ही वो महाराष्ट्र की सरकार बनाने में सहयोग करेंगे मगर बीजेपी इस बात को मानने को बीजेपी तैयार नही है. ऐसे में शिवसेना ने संघ का सहारा लेने की शुरुआत कर दी है.

शिवसेना नेता ने लिखा संघ को पत्र, मोहन भागवत करवाए दोनों में सुलह
शिवसेना के नेता किशोर तिवारी ने संघ के प्रमुख मोहन भागवत को एक चिट्ठी लिखी है जिसमे उन्होंने कहा है कि वो भाजपा और शिवसेना के बीच में हो रही उलझन को सुलझाने के लिए कदम उठाये और दोनों पार्टियों के बीच में जो भी मध्यस्थता होनी है या फिर निगोशीएसन हो सकती है उसके लिए वो नितिन गडकरी को भेजे. मुझे पूरा भरोसा है कि गडकरी जी इस मामले को दो घंटे के अन्दर ही सुलझा लेंगे.

अब शिवसेना के गडकरी जी पर इतना भरोसा होने के पीछे कारण क्या है ये तो कोई नही जानता मगर अब संघ को लिखी हुई चिट्ठी के मायने कुछ खास है नही क्योंकि आरएसएस शुरू से ही खुदको एक सांस्कृतिक संगठन के तौर पर प्रस्तुत करता है जो किसी भी राजनीतिक भूमिका में नही है और अगर वो शिवसेना के किसी बात पर जवाब दे या एक्शन ले तो विपक्षियो को ये कहने का मौका मिल जायेगा कि आरएसएस ही पीछे से बीजेपी को कण्ट्रोल कर रहा है जो कि उनकी छवि के लिये बिलकुल ही ठीक नही होगा.

हालांकि पूरा मामला अभी अमित शाह के पास में पहुँच चुका है जिस पर उन्होंने देवेन्द्र फडनवीस से बात भी की है. अगर उनकी कोशिश के बाद भी महाराष्ट्र में सरकार नही बन पाती है तो आठ तारीख के बाद राष्ट्रपति शासन लगने की कवायदे शुरू हो सकती है.