मोदी ने कांग्रेस ने उनकी सबसे ख़ास चीज भी छीन ली

191

मोदी और शाह की जोड़ी जिस तरह से कांग्रेस पार्टी के लिए आये दिन एक के बाद एक मुसीबत खड़ी करती जा रही है वो तो उन्हें प्रेशर में ला ही रहा है. केंद्र से तो कांग्रेस पार्टी सत्ता से गयी ही गयी इसके बाद में एक के बाद में एक राज्य भी कांग्रेस के हाथ से निकलते चले गये. कभी देश पर एक छत्र राज करने वाली कांग्रेस पार्टी अब कुछ एक गिने चुने राज्यों तक सिमटकर के रह गयी है और अब भी कांग्रेस को और भी काफी कुछ गंवाना बाकी है जो हाल ही के एक फैसले से पता चलता है.

सांस्कृतिक मंत्रालय का फैसला, नेहरु मेमोरियल कमिटी से सभी कांग्रेस सदस्यों को निकाला
आपको मालूम तो होगा ही कि सदन परिसर में ही देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरु की याद में एक मेमोरियल बना था इसे नेहरु म्यूजियम एंड लाइब्रेरी कहते है. इसकी कमिटी के मेंबर अक्सर कांग्रेस के लोग ही होते रहे है जिनके अधिकार क्षेत्र में ये आता है लेकिन अब ये परिपाटी पूरी तरह से बदल दी गयी है और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

सांस्कृतिक मंत्रालय का फैसला आया है जिसमे मल्लिकार्जुन खड्गे, जयराम रमेश और करण सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. अब नए वाली टीम में रजत शर्मा, प्रसून जोशी और अनिर्बान गांगुली है जो बीजेपी के शुभचिंतक और करीबी भी माने जाते रहे है. अब नेहरु को बड़ा बनाने के लिए कांग्रेस ने ये सब बनाया था और उनसे ही बीजेपी सरकार ने इसे छीन लिया तो इससे बड़ी विडंबना भला और क्या होगी? खैर जो भी है कहा जा रहा है इस पर कांग्रेस अपना विरोध जतायेगी और इससे आने वाले समय में जमकर के सियासत होने के भी आसार लग रहे है.

अब कांग्रेस का तो इस पर भड़कना भी लाजमी है क्योंकि वो तो इस तरह के म्यूजियम और सरकारी इमारतो को अपनी विरासत और अधिकार मानती रही है जिससे अगर उसे निकाला जाने लगा तो गुस्सा भी आएगा ही आयेगा.