अयोध्या में मंदिर के पत्थर तराशने का काम अचानक रोका गया

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अयोध्या में जो कुछ भी चल रहा है वो हम सभी लोग जानते है. इन दिनों माहौल में थोड़ी सी गर्मी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में मंदिर के मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब सभी जज मिलकर के फैसला लिखने में व्यस्त है. अब ये फैसला कभी भी आ सकता है और ये कही न कही लोगो के दिलो की धडकन को भी बढ़ा ही देता है. इस मामले में हिन्दू पक्ष के दो सबसे बड़े पक्षधर रहे है तो वो है विश्व हिन्दू परिषद् और श्रीराम जन्मभूमि न्यास. ये शुरू से ही इस मामले में डटे रहे है और पत्थरों का काम चल रहा है.

अब रूक गया मंदिर के पत्थर तराशने का काम, वजह कुछ भी हो सकती है
राम मंदिर बनाने के लिए देश के अलग अलग जगहों से धन और पत्थर आये है जिन्हें सालो से तराश तराशकर के खूबसूरत बनाया जा रहा है ताकि मंदिर भव्य बने. ये पत्थरों को तराशने का काम अचानक से रोक दिया गया है. अब हो सकता है काम पूरा हो गया हो या फिर अब फैसला आने से पहले तनाव भरा माहौल पनप रहा हो जिसके चलते एहतियातन ये फैसला लिया गया हो, कोई नही जानता. सब जानते है तो बस इतना कि अभी मंदिर के पत्थरो के पास छैनी हथौड़े की आवाजे आनी रूक गयी है.

यूपी में कई बड़े बदलाव देखने को मिले
उत्तर प्रदेश में इस फैसले से पहले कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे है. पुलिस ने अयोध्या और मथुरा को अलर्ट पर रखा हुआ है. योगी आदित्यनाथ मामले में दिलचस्पी से हिस्सा ले रहे है. वफ्फ बोर्ड ने भी अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए है और तो और बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओ को भी फैसला आने तक इस मामले पर डिबेट न करने और कोई बयान जारी न करने के लिए कहा है.

हर कोई संभल संभलकर के चल रहा है क्योंकि ये अब तक का सबसे अधिक संवेदनशील मसला है और एक गलती भी भारी पड सकती है. अगर सुप्रीम कोर्ट थोड़ी सी फुर्ती दिखाए तो दिसम्बर महीने के पहले सप्ताह में ही इस केस में फैसला आ सकता है.