मोदी 16 देशो के साथ मिलकर ऐसा फैसला लेने वाले है, जो हिन्दुस्तान की किस्मत पलट सकता है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से ही एक विजनरी व्यक्ति के तौर पर जाने जाते रहे है. उन्होंने कई बड़े बड़े फैसले प्रधानमंत्री बनने के बाद में लिए है जिनमे जीएसटी, कश्मीर मुद्दा और कई बाते है मगर अब जो ये सरकार करने जा रही है वो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही बड़ा चेंजिंग पॉइंट साबित होने वाला है मगर इसके कई अच्छे परिणाम है तो कई बुरे परिणाम भी है जिनके बारे में चर्चा करना जरूरी हो जाता है. वैसे आपको बता दे जो नया संगठन बनने जा रहा है उसका नाम रिकेप है.

रिकेप पर साईन करेगा भारत, 16 देश बन जायेंगे सिंगल मार्केट
एक नये संगठन की शुरुआत होने जा रही है जिसका हिस्सा चीन, भारत, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश है और ये देश दुनिया की आधी आबादी है. इन देशो ने मिलकर के एक ट्रेड अग्रीमेंट साईन करने का फैसला किया है जिससे ये सभी देश एक मार्केट में तब्दील हो जायेंगे. कोई भी देश के व्यापारी किसी भी देश में बिना टैरिफ चुकाए या नोमिनल टैरिफ पर वहाँ के लोकल सेलर की तरह वहाँ अपना सामान बेच सकेगा. इससे भारत को भी अपने प्रोदुक्ट दुनिया के बड़े बड़े देशो में बिना टैरिफ चुकाए बेचने का मौका मिलेगा.

इससे फायदा तो है लेकिन रिस्क और नुकसान भी भारी हो सकता है
इससे भारत को फायदा तो होगा क्योंकि कई देशो के दरवाजे भारत के लिये खुल जायेंगे मगर साथ ही साथ में वो देश भी भारत में बिना टैरिफ के सामान बेच पाएंगे. इससे भारत में जो इंडस्ट्री कमजोर है जैसे स्टील, डेरी या फिर मेनुफेक्चरिंग इनकी तो कमर ही टूट जायेगी क्योंकि चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशो में तो इन सब चीजो का सस्ते में उत्पादन होता है जो अगर भारत में सस्ते में बिकी तो यहाँ के लोकल बिजनेस वालो का क्या होगा?

भारत ने ये समस्या रिकेप के मेम्बर्स के सामने रखी है और उनके सामने एक शर्त भी रखी है कि एक निश्चित लिमिट के बाद में इम्पोर्ट ड्यूटी फिर से लगेगी. अब इस पर रिकेप के मेम्बर्स क्या कहते और करते है? ये तो आने वाला वक्त ही बता पायेगा.