शिवसेना को मनाने के लिये ये नया फ़ॉर्मूला अपना रही है बीजेपी

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शिवसेना जिस तरह से चुनावी नतीजे आने के बाद से ही हुंकार भर रही है वो कही न कही बीजेपी के लिए तो चिंता का विषय ही है क्योंकि उन्होंने नही सोचा था कि शिवसेना इस हद तक अड़ जायेगी कि मुख्यमंत्री पद तो हम ही लेंगे. अब शिवसेना को शांत करना भी तो जरूरी था और ऐसे में भाजपा ने एक नयी रणनीति अपनाई है जिससे कही न कही शिवसेना शांत शायद हो भी सकती है. हालांकि गारंटी तो इसमें भी नही ली जा सकती है तो चलिए जानते है बीजेपी आखिर क्या करने जा रही है?

शिवसेना को वित्त मंत्रालय और राजस्व दे सकती है बीजेपी, केबिनेट में मंत्रियो की संख्या भी बढ़ेगी
शिवसेना को संतुष्ट करने के लिये भारतीय जनता पार्टी बात आकर कर रही है कि शिवसेना को राजस्व और वित्त मंत्रालय दे दिया जाये. इसके अलावा शिवसेना की सरकार में भागीदारी भी बढाई जायेगी. इसके अलावा बीजेपी के दिग्गज और बड़े बड़े नेता शिवसेना शिवसेना अपना पुराना साथी और न जाने क्या क्या बता रहे है? ताकि पार्टी एक इमोशनल बांड भी बना सके. खैर जो भी है अभी तो आगे क्या होगा कोई भी नही जानता है.

बीजेपी के इतनी कोशिशो के बावजूद शिवसेना अपनी जिद पर कायम
भारतीय जनता पार्टी हर कोशिश कर रही है कि शिवसेना वापिस घर लौट आये लेकिन उद्धव ठाकरे अपनी जिद पर अड़े हुए है कि इस बार अगर मुख्यमंत्री बनेगा तो शिवसेना से बनेगा. कही न कही इसे लोग उनके पुत्र मोह से भी जोडकर के देख रहे है जहाँ पर वो अपने बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनते हुए देखना चाह रहे है. अब ये जिद उन्हें आगे ले जाती है या फिर पीछे धकेलती है ये देखने वाली बात होगी.

अब सत्ता बीच में ही लटक रही है जिस तक बीजेपी और शिवसेना मिलकर के पहुँच तो सकते है लेकिन वो पहुँचने का प्रयत्न नही कर रहे है क्योंकि दोनों में होड़ लगी है कि उस तक पहुँच पाने का क्रेडिट मुझे मिलेगा और सत्ता पर मैं ही बैठूंगा.