उद्धव ठाकरे के लिये खुशखबरी, भाजपा ने मान ली उनकी ये बात

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शिवसेना और भाजपा के बीच में पिछले लम्बे समय से जो खींचतान चल रही है वो अब अपने अंतिम दौर में है और लगता है कि जो कुछ भी देखने को मिला है चाहे वो सत्ता के बंटवारे को लेकर के हो या फिर किसी और बात को लेकर के हो हर जगह पर उद्धव ठाकरे अपनी बात को जमकर के रख रहे है. सरकार कबकी बन जानी थी लेकिन नही बनी क्योंकि मुख्यमंत्री पद में बंटवारे की मांग थी, मंत्रालय और आधे आधे पॉवर की भी मांग की गयी. काफी वक्त से बीजेपी इस पर ना नुकर कर रही थी मगर अब एक अच्छी खबर आयी है.

फिफ्टी फिफ्टी पर मान गयी है बीजेपी, सत्ता में आधी पॉवर देगी लेकिन सीएम पद की जिद छोडनी पड़ेगी
इंडिया टुडे ग्रुप के द्वारा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अभी जो बैठको के दौर चले है उनमे भाजपा ने थोडा सा झुकने का फैसला किया है. अब वो शिवसेना को उपमुख्यमंत्री का पद और महाराष्ट्र विधानसभा में आधे मंत्रीपद देने के लिये तैयार हो गयी है. हालांकि मुख्यमंत्री पद को लेकर के उनका स्टैंड वही है और वो पांच साल देवेन्द्र फडनवीस ही बनेंगे.

उद्धव के जिद छोड़ने पर है सरकार बनने के आसार
अगर उद्धव ठाकरे शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने की जिद को छोड़कर के निचले स्तर के पदों पर राजीनामा कर लेते है तो फिर ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र में एक बार फिर से शिवसेना और भाजपा के गठबंधन की सरकार बन जायेगी. हालांकि ये चीज दिखने में जितनी आसान है उतनी ही होनी मुश्किल नजर आ रही है. अब सब कुछ उद्धव ठाकरे के सीएम पद की जिद छोड़ने पर ही निर्भर करता है.

आपको बता दे अब तक ठाकरे परिवार की तीन पीढियां महाराष्ट्र की राजनीति में परचम लहरा चुकी है और इनका सिक्का चलता आया है लेकिन दुर्भाग्य से अब तक इस परिवार से कोई भी मुख्यमंत्री नही बन सका है चाहे सत्ता में रहे हो या फिर न रहे हो और इस कारण से उद्धव अब ज्यादा हाथ पाँव चला रहे है.