महबूबा और अब्दुल्ला को मोदी सरकार का नोटिस, आज शाम से पहले पूरा करे ये काम

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सरकार ने पिछले तीन महीने में कश्मीर में जो कुछ भी किया है वो तो सभी लोगो ने देखा ही है और किस तरह से कश्मीर के चप्पे चप्पे पर अब केंद्र सरकार का अधिकार हो चला है ये भी हम लोग जानते है मगर अभी भी कई काम है जो पूरे होने बाकी है. आपको ये तो जानकारी होगी ही कि 31 अक्टूबर से कानूनी यानी आधिकारिक तौर पर जम्मू कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया है और अब महबूबा और अब्दुल्ला दोनों के ही पर लगभग कतरे जा चुके है जिसका नजारा इस नोटिस में देखा जा सकता है.

महबूबा और अब्दुल्ला को नोटिस, 1 नवम्बर पूरा होने से पहले खाली करे अपने सरकारी बंगले
जब तक जम्मू कश्मीर में इन दोनों परिवारों का राज चलता था तब तक ये सरकारी बंगले का आनंद लेते थे लेकिन अब जब ये केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है तो इनका कोई काम नही बचा. ऐसे में महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला दोनों को ही सरकारी नोटिस मिला है जिसमे उनसे कहा गया है कि वो आज शाम यानी एक नवम्बर से पहले पहले सरकारी बंगले खाली कर दे.

 अब नही रहेगी जम्मू कश्मीर के राजनेताओं की ख़ास हैसियत
जम्मू कश्मीर में अब मुख्यमंत्री हो या फिर कोई भी पद का अधिकारी हो उसकी कोई ख़ास हैसियत नही रहेगी क्योंकि जो भी फैसले होंगे उन्हें जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ही पारित करेंगे जिन्हें देश की केंद्र सरकार नियुक्त करेगी. यही नही इसके अलावा जम्मू कश्मीर की पुलिस भी अब देश के गृहमंत्रालय के अंडर काम करेगी और उनका काम सीधे सीधे अमित शाह को रिपोर्ट करना होगा. तो जम्मू कश्मीर का लगभग नब्बे प्रतिशत कण्ट्रोल तो अब मोदी सरकार के हाथ में ही रहना है, ये बात साफ़ नजर आ रही है.

अब सवाल ये उठता है कि महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला नोटिस को सीरियसली लेते हुए बंगले को खाली करे है या फिर पहले की तरह ही अपनी मनमर्जी चलाने की कोशिश करते है जो अपने आप में सोचने वाली बात है.