आज रात 12 बजे से जम्मू कश्मीर में सब कुछ बदल चुका है

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जम्मू कश्मीर में पिछले तीन महीने से जो भी डवलपमेंट हो रही है वो हम सभी लोग बखूबी जानते ही है. जिस तरह से जम्मू कश्मीर में पहले अनुच्छेद 370 हटाया गया और उसके बाद में सरकार ने संसद में इसे लद्दाख से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा कर दी. इसके बड़ा से पूरे राज्य में हालात टाइट थे क्योंकि कुछ एक सरकारी प्रक्रियाएं चल रही थी जो आज बीती रात को 12 बजे समाप्त हुई और जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा हमेशा के लिए कानूनी तौर पर समाप्त कर दिया गया है.

जम्मू कश्मीर और लद्दाख आज से कहलायेंगे केंद्र शासित प्रदेश, भारत की संसद के लागू होंगे कानून
आज रात से जम्मू कश्मीर और लद्दाख अलग हो चुके है. इनका राज्य का दर्जा खत्म है जिसके बाद में ये केंद्र शासित प्रदेश कहलायेंगे यानि इन राज्यों की इंच इंच की जमीन पर भारत सरकार का कानून ही चलेगा. जम्मू कश्मीर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा लेकिन क़ानून और सारी पुलिस आदि की व्यवस्था केंद्र के हाथ में होगी, जैसा दिल्ली में होता है ठीक वैसा ही. आज से जम्मू कश्मीर और लद्दाख से राष्ट्रपति शासन भी हटा लिया गया है. चलिए अब पॉइंट्स के साथ समझते है कि क्या कुछ बदलेगा?

  1. जम्मू कश्मीर के 153 क़ानून खत्म हो जायेंगे जो वहाँ की राज्य सरकारो ने अपने फायदे के लिए और भारत को नुकसान पहुंचाने के मकसद से बनाये थे.
  2. पहले सूचना का अधिकार जैसे कई केन्द्रीय क़ानून जो कश्मीर में लागू नही हो सकते थे वो बा वहाँ पर लागू हो सकेंगे.
  3. जम्मू कश्मीर में अब राज्यपाल नही बल्कि उपराज्यपाल होंगे और यहाँ के पहले उपराज्यपाल गिरीश चन्द्र मुर्मू होंगे जिनकी इच्छा से ही पूरा जम्मू कश्मीर चलेगा.
  4. अब जम्मू कश्मीर में एक झंडा, एक विधान और एक संविधान चलेगा. दो झंडे और दो विधान वाली परम्परा खत्म होगी.
  5. अब भारत के नागरिको को वहाँ पर जाकर के भूमि खरीदने, वहाँ व्यापार करने आदि की छूट मिलेगी. हालांकि कुछ एक मामूली चीजो पर अभी भी एहतियात के तौर पर रोक रहेगी.

इनके अलावा भी काफी सारी चीजे है जिन पर रोक लगा दी गयी है और अब जम्मू कश्मीर का शासन टेक्नीकली देखे तो देश के गृह मंत्रालय के द्वारा चलेगा जिसके बॉस अमित शाह है.