ये यूरोपियन सांसद भी आने वाला था कश्मीर, फिर इस वजह से मोदी सरकार नही दी आने की इजाजत

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पिछले लगभग 3 महीने से कश्मीर में जो भी उठापटक हो रही है उससे तो सभी लोग भली भाँती वाकिफ ही है. जिस तरह से कश्मीर में अनुच्छेद 370  हटाया गया है उसके बाद में भारत पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव तो बना है. कांग्रेस ने भी दुनिया भर में रायता फैलाया कि भारत सरकार मानवाधिकारों का हनन कर रही है और इसी के चलते मामले को संभालने के लिए मोदी सरकार ने 27 यूरोपियन युनियन के सांसदों को कश्मीर जाने की छूट दे दी ताकि वो वहाँ की स्थिति देखे और सब कुछ सामान्य है ये बात पूरी दुनिया को बताये मगर एक को बीच में ही रोक दिया गया.

बिना सुरक्षाकर्मियों के कश्मीर में घूमना और लोगो से बात करना चाहता था ये सांसद, रद्द कर दिया निमंत्रण
इस सांसद का नाम क्रिस डेविस है और क्रिस डेविस को भी बाकी सांसदों के साथ में कश्मीर आने का निमंत्रण मिला था जिसके जवाब में क्रिस ने कहा कि उन्हें ये निमंत्रण मिला उसके चलते मैं खुश हूँ. मैं बिना सुरक्षाकर्मियों के कश्मीर में घूमना पसंद करुँगा और वहाँ के स्थानीय लोगो से भी बातचीत करना पसंद करूंगा.

जब उनकी इस बात के बारे में वेस्ट को पता चला जो कि एक एनजीओ है और वही इनके आने जाने का इंतजाम कर रहा था उसने क्रिस का निमंत्रण रद्द कर दिया क्योंकि भारत सरकार ने किसी को भी खुले में घूमने की छूट नही दी है. कश्मीर के हालात तो सभी जानते है कभी भी कही भी पाक के भेजे हुए लोग हमला कर सकते है और उन सांसदों की जान को खतरा हो सकता है.

क्रिस की इसी मांग के चलते उनका निमंत्रण रद्द कर दिया गया. खैर बाकी जो भी सांसद कश्मीर गये थे वो लोग संतुष्ट होकर के लौटे है और उनका कहना है कि भारत एक शान्तिप्रिय देश है यहाँ पर कुछ भी गलत नही हो रहा है. भारत जो भी कदम ले रहा है वो उसका आंतरिक मसला है.