अब नोटबंदी के बाद सोने की बारी, मोदी सरकार लेने जा रही है बड़ा फैसला

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आपको अब से लगभग तीन साल पहले हुई नोटबंदी तो याद ही होगी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात को 8 बजे टीवी पर आये और उन्होंने सारे 500 और 1000 रूपये के नोट बंद कर दिये जिसके बाद में बैंको के बाहर लम्बी लम्बी लाइन्स लग गयी थी क्योंकि लोगो को नये नोट जो लेने थे. अब इतने समय के बाद में ऐसी ही स्ट्राइक सरकार सोने पर भी करने जा रही है और इसका अंदाजा एक स्कीम से ही मालूम चल जाता है जिसे केबिनेट की टेबल पर रख दिया गया है और इसे एमनेस्टी स्कीम के नाम से जाना जा रहा है.

लोगो को बिना रसीद वाले सोने का खुलासा करना होगा, वैल्यूएशन सेंटर से टैक्स देकर लेना होगा सर्टिफिकेट
अब सरकार जल्द ही एमनेस्टी स्कीम स्कीम लाने वाली है जिस पर केबिनेट में चर्चा हो रही है. इस स्कीम के तहत एक मात्रा तय की जायेगी जिससे ज्यादा का सोना अगर किसी के पास में भी है और वो भी बिना रसीद के है तो उसे वैल्यूएशन सेंटर पर जाना होगा जहाँ पर वो टैक्स देकर के इस पर सर्टिफिकेट लेगा. ये स्कीम सिर्फ तय समय सीमा के लिये खोली जायेगी, इसके बाद सरकार एक्शन लेगी.

स्कीम का टाइम खत्म होने के बाद में क्या?
स्कीम के दौरान लोगो को अपना सोना जो उन्होंने गलत तरीके से बनाया है उसपर टैक्स देकर के उसे बचाने का मौक़ा मिलेगा लेकिन अगर इस स्कीम की समय सीमा खत्म होने के बाद में भी किसी के पास में गलत तरीके से रखा हुआ सोना मिलेगा तो सरकार उसे जाहिर तौर पर जब्त कर लेगी. ये अपने आप में बहुत ही बड़ा फैसला है जो जौहरियो को तो बिलकुल भी पसंद नही आ रहा है और वो इसका विरोध भी कर रहे है.

इस स्कीम को पहले ही लाने की तैयारी थी लेकिन बीच में हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव आने की वजह से सरकार इसे नही लाई क्योंकि बवाल होने की वजह से चुनावी नुकसान हो सकता था. खैर उम्मीद की जा रही है कि इस साल के अंत तक ये स्कीम आ जायेगी और जरूरत से ज्यादा सोना रखने वालो के लिए सरदर्द साबित होगी.