कश्मीर दौरा करने के बाद में यूरोपियन यूनियन के सांसदों का बड़ा बयान

622

कश्मीर में हाल ही में अनुच्छेद 370 हटने के बाद में यूरोप के सांसदों के एक दल को कश्मीर में जाने और वहाँ का मुआयना करने की अनुमति भारत सरकार ने दी थी और इसके पीछे का कारण भी था कि बहार से दबाव आ रहा था. कांग्रेस ने भी मानवाधिकार का ढोल विदेशो में पीट पीटकर के रायता इतना फैला दिया था कि जिसकी कोई हद नही थी. इसी के चलते हुए मोदी सरकार ने कुल 27 यूरोपियन युनियन के सांसदों को कश्मीर जाने की इजाजत दी और इस दौरे के बाद में इन सांसदों के जो भी कहा है वो सब भारत के पक्ष में जा रहा है.

सांसदों ने बताया इसे भारत का आंतरिक मामला, गलत खबरे फ़ैलाने वाली मीडिया को दी सुधरने की सलाह
इन सांसदों ने दौरे के बाद में अपने बयान जारी किये है जिसमे कहा गया कि हमने सेना से आतकवाद को लेकर के बातचीत की. हम सिर्फ इतना चाहते है कि भारत पाक के बीच में बात हो. रही बात 370 की तो ये भारत का पूरी तरह से आंतरिक मामला है. कश्मीर के लोग विकास और शान्ति चाहते है वहां वो लोग खुश है और पश्चिमी मीडिया का जो रवैया भारत के प्रति है वो ठीक नही है.

भारत में नही बल्कि पाकिस्तान में दिक्कत है. पाक में इसाइयों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. भारत जो भी लड़ाई आतक के खिलाफ लड़ रहा है उसमे हम पूरी तरह से बहरत के साथ में है. इन सांसदों ने ये भी कहा कि हम यूरोपियन संसद को जाकर के समझायेंगे कि भारत में सब कुछ ठीक है और कोई समस्या नही है. इसे आप मोदी का मास्टरस्ट्रोक कह सकते है कि अब ईयू भी भारत के पक्ष में होने जा रहा है.

खैर जो भी हुआ है उसके बाद में भारत की स्थिति पाक के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत हुई है इस बात मे कोई दो राय नही है और अब विश्व स्तर पर भी भारत का कश्मीर पर जिसमे पीओके भी शामिल है दावा मजबूत हो जाता है.