सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी का किया विरोध, बताया इस फैसले को अनैतिक

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सुब्रमण्यम स्वामी हमेशा से ही मोदी सरकार की नीतियों के अधिकतर समर्थक रहे है लेकिन जब बात आती है अपने विचारों की तो वो पार्टी लीक से हटकर के अपने विचार ही सर्वोपरि रखते है और कुछ तो इसी वजह से स्वामी जी की किसी से बनती नही है. अभी हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और उनके फैसले की भी न सिर्फ आलोचना की है बल्कि उनके कदमो पर हैरानी भी जताई है कि उन्हें विश्वास नही हो रहा है मोदी ऐसा कुछ कर सकते है.आखिर ये आपसी विरोध क्यों है? चलिए पूरा मामला जान लेते है.

यूरोपियन युनियन के सांसदों को कश्मीर दौरा करने की इजाजत पर जताया ऐतराज
सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्विटर अकाउंट से लिखा ‘मैं हीरान हूँ कि हमारे विदेश मंत्रालय ने यूरोपियन युनियन के सांसदों के कश्मीर में दौरे की व्यवस्था की है. ये तो ईयू का आधिकारिक दौरा भी नही है. ये सब जो भी हो रहा है वो भारत की राष्ट्रीय नीति के विपरीत और अनैतिक है. भारत सरकार को अपने इस फैसले को तत्काल प्रभाव से रद्द कर देना चाहिये.’ स्वामी जी ने साफ़ तौर पर किसी दूसरे देश के दखल को गलत बताया है.

कांग्रेस भी विरोध में उतरी, बोली ईयू को पञ्च क्यों बनाया?
कांग्रेस भी मोदी सरकार के इस फैसले के पूरे विरोध में उतर गयी है. पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कश्मीर मामले में यूरोपियन युनियन को पंच बनाने की क्या जरूरत थी? वही राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमलावर करते हुए कहा कि अपने सांसदों को आप कश्मीर में जानते से रोकते है और दूसरे देश के सांसदों के सांसदों को आप खुद दौरे करवाते है, ये कहाँ तक ठीक है?

मोदी सरकार के इस नीति पर उनके अपने ही उन्हें घेर रहे है और पूछ रहे है कि आखिर बाहर देशो के सांसदों को कश्मीर में दौरा करवाने की क्या जरूरत थी? हालांकि ऐसा क्यों हुआ और इसके परिणाम क्या निकलते है इसके जवाब तो मोदी सरकार निकट भविष्य में दे ही देगी.