यूरोपियन यूनियन सांसदों के कश्मीर दौरे पर तिलमिलाने लगी महबूबा, कही ये बात

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अभी कश्मीर में कुछ हलचल हो रही है और उस हलचल की जानकारी आपको भी खूब होगी. भारत सरकार ने यूरोपियन यूनियन के कुछ एक सांसदों को अनुमति दी है कि वो लोग कश्मीर का दौरा कर सकते है और दौरा करने के बाद में वो विश्व नागरिक होने के नाते आश्वस्त हो सकते है कि भारत कही भी मानव के मूल अधिकारों का उल्लंघन नही कर रहा है. अब कश्मीर के नेता तो यही चाह रहे थे कि विश्व नेता आये और उनकी मदद करे और जब आये तब महबूबा उल्टा सीधा क्यों बोल रही है? चलिए पहले तो जानते है महबूबा ने कहा क्या है?

महबूबा के अकाउंट से सामने आया ट्वीट, उठाये चिंता करने वालो पर ही सवाल
महबूबा मुफ़्ती के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया ‘अगर अनुच्छेद 370 को हटाना भारत का आंतरिक मसला है तो राहुल गांधी को कश्मीर जाने से क्यों रोका गया मगर एक राईट विंग का फासीवादी यूरोपियन यूनियियन के सांसदों का समूह कश्मीर दौरा कर रहा है जिसे भारत सरकार ने अनुमति दे दी. आपको कश्मीर आने की अनुमति सिर्फ और सिर्फ तभी दी जायेगी जब आप मुस्लिमो से नफरत करते है.’ महबूबा का कहना है कि सरकार सिर्फ अपनी मर्जी के राईट विंग लोगो को कश्मीर आने दे रही है.

इतने समय तक यही कश्मीरी नेता मांग कर रहे थे कि विश्व के लोग आये और हमारी मदद करे और जब बाहर के लोग आकर के कश्मीर के हालत देखकर के संतुष्ट हो रहे है तो इन्हें फिर से अपना एजेंडा चलाना है जबकि सरकार का एजेंडा तो सिर्फ और सिर्फ देश को इकट्ठा करके रखने का है जो वो कर रही है और ऐसे में विश्व को साथ लेकर के चलना भी जरूरी है.

आपको बता दे कश्मीर के लगभग सत्तर प्रतिशत से भी अधिक इलाके में शान्ति बहाल हो चुकी है. वहाँ पर स्कूल, अस्पताल और ट्राफिक सब कुछ खुले है. हाँ कुछ नाराज हुए लोग जरुर अपनी दुकाने नही खोल रहे है क्योंकि उनकी राजनीति प्रभावित हुई है या फिर उनके राजनीतिक हित प्रभावित हुए है तो ऐसे में सरकार उनके साथ जबरदस्ती तो नही कर सकती है.