भाजपा के आगे नही झुकेगी शिवसेना, अब उठाया ये बड़ा कदम

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महाराष्ट्र में दिवाली से पहले ही चुनावी परिणाम आ चुका है. गठबंधन के रूप में लड़ी भाजपा और शिवसेना दोनों को ही बहुमत मिला जिसके बाद में आयी सरकार बनाने की बारी मगर असल खींचतान यही पर आकर के शुरू हो गयी. अब शिवसेना और उसके प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फैसला कर लिया है कि वो भाजपा के आगे बिलकुल नही झुकेंगे और इस बार का मुख्यमंत्री तो शिवसेना से ही बनेगा. वही बीजेपी सिर्फ उपमुख्यमंत्री का पद देने को लेकर के मान रही है जिसके चलते दोनों के बीच में क्लेश बढ़ता जा रहा है.

शिवसेना का बड़ा कदम, भाजपा से अलग राज्यपाल से जाकर मिला उनका नेता
जब चुनाव खत्म हो जाते है तो गठबंधन दल का एक नेता जाकर के राज्यपाल से मिलता है और सरकार बनाने का दावा पेश करता है जैसे बीजेपी की तरफ से फडनवीस जा रहे है लेकिन बात करे शिवसेना की तो उनकी तरफ से दिवाकर राऊत अलग से राज्यपाल से मिलने गये है. अब सवाल ये उठता है कि अलग से जाकर के मिलना और अपने अलग अलग दावे पेश करना क्या दर्शाता है? इससे नजर तो यही आ रहा है कि शिवसेना और भाजपा के बीच में दरार बढ़ चुकी है.

रामदास अठावले ने कहा, उपमुख्यमंत्री के पद पर राजी हो जाए शिवसेना
महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद और अपनी धाक रखने वाले रामदास अठावले ने तो शिवसेना को यही सलाह दी है कि उन्हें अब आदित्य ठाकरे को उपमुख्यमंत्री पद दिलाकर के ही संतुष्टि करनी चाहिए क्योंकि शिवसेना के पास में भाजपा की तुलना में महज आधी सीट्स है और ऐसे में शिवसेना मुख्यमंत्री पद पर दावा कैसे कर सकती है? बात तो सोचने वाली है.

हालांकि शिवसेना का दावा है कि उनकी परफॉरमेंस बीजेपी की तुलना में इन चुनावो में काफी बेहतर रही है और इस बार वो आदित्य को ही शिवसेना की तरफ से महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बनायेंगे. ऐसे में शाह के लिए चुनौती है कि वो किस तरह से अपनी पुरानी साथी पार्टी को मनाते हुए देवेन्द्र फडनवीस को मुख्यमंत्री पद पर काबिज करते है.