शिवसेना ने बीजेपी के सामने अपनी नयी शर्ते रख दी है

277

भाजपा ने हाल ही में बड़ी ही मुश्किल से हरियाणा में चुनावी रिजल्ट के बाद में बहुमत जुटाया था और खट्टर के हाथो में दुबारा से कमान सौंपी लेकिन ये सब क्या कम था कि अब शिवसेना भी अपनी मनमानी पर अड़ने लगी है. इन विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 105 सीट्स मिली है जबकि शिवसेना 56 सीट्स के साथ में उभरी है. सरकार बनाने के लिए दोनों को साथ आना होगा और ऐसे में साथ आने के लिए शिवसेना ने कुछ एक बाते है जो पहले ही साफ़ कर दी है कि होगा तो ऐसे ही होगा वरना रहने दो.

सिर्फ अमित शाह से होगी बात, फिफ्टी फिफ्टी होगी सरकार में हिस्सेदारी
शिवसेना ने हाल ही में अपनी विधायक दल की बैठक खत्म की है और सरकार के गठन के पहले अपनी कुछ एक शर्ते खुल्ली रख दी है. शिवसेना की तरफ से कहा गया है कि जो भी बात होगी सिर्फ और सिर्फ अमित शाह से होगी क्योंकि जो फैसला कर सकते है वो ही कर सकते है. किसी निचले स्तर के नेता मंत्री से बात करके कोई फायदा नही है. इसके अलावा शिवसेना ने सरकार में भी अपनी आधी हिस्सेदारी मांगी है. यानी आधे मंत्री सरकार में शिवसेना के होंगे.

आदित्य के लिये मुख्यमंत्री पद की भी है लालसा
शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे इन सबके बीच रह रहकर के एक मांग भी उठा रहे है कि उनके बेटे आदित्य ठाकरे को अब विधायक दल का नेता बनाया जाये और वो ही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री भी बने. हालांकि इस पर भाजपा किसी भी कीमत पर राजी नही हो सकती है लेकिन शिवसेना के लोग निचले स्तर से लेकर हाईकमान तक ये बात दोहरा रहे है. अब ऐसे में बीजेपी बात को समझती है या फिर आदित्य को उपमुख्यमंत्री या केबिनेट मंत्री का दर्जा देकर के संतुष्ट कर देती है ये देखने वाली बात होगी.

अभी बीजेपी की तरफ से शिवसेना की इन बातो पर कोई भी प्रतिकिया नही आयी है. हालांकि शाह या भाजपा ऐसी कोई प्रतिक्रिया देने में यकीन भी नही रखते है. वो तो सीधा जाते है और जाकर के सरकार बना देते है.