दुष्यंत चौटाला ने रखी समर्थन देने के लिये इतनी भारी शर्ते

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हरियाणा की राजनीती फिलहाल बड़े ही गजब स्तर से गुजर रही है और ऐसी स्थिति में कही न कही भाजपा के लिये काफी ज्यादा मुश्किल खड़ी हो रही है. आप भी जानते है कि हरियाणा में चुनावी परिणाम आ चुके है लेकिन भाजपा के पास में सबसे अधिक सीट्स होते हुए भी बहुमत नही है और कांग्रेस तो उससे भी दूर है. ऐसे में जेजेपी के पास में सत्ता की चाबी है और इसी के चलते हुए जेजेपी के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने एक प्रेस वार्ता की है जिसमे अपने सारे पत्ते खोलकर के रख दिए है.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत समर्थन देंगे, सत्ता में भागीदारी भी लेंगे
जेजेपी के प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने मीडिया के सामने आकर के अपनी बात रखी और कहा कि हमने अपने विधायको के साथ चर्चा की और तय हुआ कि जो पार्टी हमारी बात मानेगी हम उसी को समर्थन दे देंगे. इसके लिए हम सत्ता में भागीदारी भी लेंगे, हालांकि अब वो सत्ता में मुख्यमंत्री का पद लेना चाहते है या फिर किसी अन्य पद पर ही संतुष्टि करना चाह रहे है उसका खुलासा चौटाला ने नही किया है.

दुष्यंत चौटाला ने साफ़ किया है कि वो सिर्फ और सिर्फ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत ही किसी भी पार्टी को समर्थन देंगे जिसमे वृद्धा पेंशन और अपराध नियंत्रण जैसे मुद्दे है. पार्टी को न सिर्फ इन पर चलना होगा बल्कि हमें सत्ता में भागीदारी देनी होगी. इस पर भाजपा या कांग्रेस कोई भी राजी होती है तो हम उनके साथ में सरकार बनाने के लिए राजी हो जायेंगे. ये समर्थन भी सिर्फ तब तक ही रहेगा जब तक हमारी शर्तो पर सत्ता में सहयोगी पार्टी चलेगी. अगर उन्होंने किनारा किया तो हम समर्थन वापिस ले लेंगे.

चौटाला का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उनके सम्पर्क में जरुर है लेकिन अभी तक किसी से उन्होंने बैठकर के सही से मीटिंग नही की है.अब ये ऐसी स्थिति में है जिसमे कही न कही भाजपा चौटाला को अपनी तरफ करने में जी जान लगा रही है.