रणदीप सुरजेवाला के हारने के पीछे की सबसे बड़ी वजह सामने आ गयी

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रणदीप सिंह सुरजेवाला इस बार का चुनावों का सबसे दिग्गज नाम था और कही न कही कांग्रेस में वो हुड्डा से अलग ही अपना धडा बनाकर के खुदको सीएम पद का दावेदार मानने लग गये थे लेकिन हुआ क्या? कैथल से सुरजेवाला ने चुनाव लड़ा और चुनाव हार गये. हालांकि हार के वोटो का अंतर बहुत ही कम 500 के आस पास था लेकिन हार तो हार है. अब इसके पीछे की वजह भी सामने आ रही है जो हाल ही में कई मीडिया समूहों के सर्वे में सामने आ रही है.

जींद में जाकर चुनाव लड़ने की वजह से लोग मानने लगे थे गैर भरोसेमंद
सुरजेवाला का मुख्य चुनावी क्षेत्र कैथल रहा है लेकिन कुछ वक्त पहले हुए जींद उपचुनाव में सुरजेवाला ने वहाँ से पर्चा भरा और हार गये. ये उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी क्योंकि अब कैथल के लोगो में बात फ़ैल गयी कि सुरजेवाला को सिर्फ एमएलए की कुर्सी चाहिए वो चाहे जींद से मिल जाए. उसे कैथल से या फिर उसके विकास से कोई लेना देना नही है तभी तो वो जींद से चुनाव लड़ने चला गया वो भी कैथल को दरकिनार करके. इसी कारण से सुरजेवाला पर से कैथल के लोगो का भरोसा ही उठ गया.

अटपटे बयान और दिल्ली में निवास भी बने हार की वजह
सुरजेवाला कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता है और इस वजह से उन्हें कांग्रेस की राष्ट्रीय नीतियों के अनुसार बाते करनी पडती है चाहे वो टुकड़े टुकड़े करने वालो का समर्थन करना ही क्यों न हो? ऐसे में उनकी एक गलत छवि बन गयी और क्योंकि वो प्रवक्ता होने की वजह से ज्यादातर दिल्ली में ही रहते थे तो कैथल के लोगो ने समझ लिया कि ये बन्दा यहाँ पर तो रहता नही है तो हमारी समस्या क्या ख़ाक सुनेगा? ऐसे में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को जिता दिया.

हालांकि इसके पीछे कही न कही हुड्डा का हाथ भी बताया जाता है क्योंकि सुरजेवाला बार बार सीएम पद के लिए कमर कस रहे थे और ये चीज भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और उनकी कुर्सी के बीच में आ रही थी सो कहा जाता है उन्होंने सुरजेवाला की चुनावों में राज्य स्तरीय मदद ही नही की.