राम मंदिर पर RSS ने मीटिंग बुलायी, अयोध्या में लागू है धारा 144

91

दशको पुराना एक केस है जो काफी लम्बे समय से चला आ रहा है लेकिन उस पर अभी तक कोई भी न तो फैसला आ पाया है और न ही मंदिर निर्माण की दिशा में एक ईंट तक लग पायी है और ये अपने आप में कई लोग जो राम भगवान् में आस्था रखते है उन्हें चोट पहुंचा रहा है मगर लग रहा है ये वर्ष इस मामले में काफी शुभ है. राम मंदिर जिसे लेकर के लगातार चर्चाये चलती थी उस पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट बस अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है.

अयोध्या में धारा 144, संघ करेगा मंदिर निर्माण पर चर्चा
आपको ये तो मालूम ही होगा कि कोर्ट के फैसले की तारीख करीब आते हुए देखकर के योगी सरकार ने अयोध्या में पहले ही धारा 144 लगा दी है ताकि कोई भी अनोहोनी न हो जाये. वही दूसरी तरफ हिन्दुओ के सबसे बड़े और विशाल संघठन राष्ट्रीय स्वयमसेवक संघ ने 31 अक्टूबर से 4 नवम्बर के बीच में एक बड़ी हाई लेवल की मीटिंग बुलाई है. इसमें कई मुद्दों पर चर्चा होनी है जिसमे राम मंदिर का निर्माण सबसे बड़ा मुद्दा होने वाला है.

बैठक में चर्चा होगी कि कोर्ट का फैसला जैसे ही आता है तो सरकार को उसकी पालना करवाने में किस तरह से मदद करवानी है? अगर कोई अडचन आये या फिर असामाजिक तत्व किसी तरह का व्यवधान डाले तो सामजिक समरसता बनाये रखने और तीव्र रूप से मंदिर निर्माण में संघ की क्या भूमिका हो सकती है? तमाम चर्चा के मुद्दे हो सकते है और कही न कही संघ उसमे अपनी भूमिका तय करता है. ये बात भी सही है कि मंदिर का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का बनाया भी संघ के द्वारा ही गया है.

कोर्ट में खत्म हो चुकी है सबकी दलीले
सारे पक्षकारो की दलीले अब कोर्ट में समाप्त हो चुकी है और अदालत अब इनके आधार पर फैसला लिखेगी. फैसला क्या आता है? ये तो अब आने वाले कुछ हफ्तों के भीतर तय हो ही जाएगा. हालांकि दलीले साफ़ दिखाती है कि हिन्दू पक्ष काफी मजबूत है.