5300 विस्थापित कश्मीरी परिवारों के लिये मोदी जी ने बड़ा ऐलान कर दिया है

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कश्मीर अपने आप में एक ऐसी जगह बनकर के रह गया है जहाँ सिर्फ और सिर्फ एक ही तरह के लोगो का हमेशा से ही ख्याल रखा जाता है जो संख्या में भी कम है और बाकी सब लोगो के लिए उनके स्वार्थ के लिए अन्याय ही अन्याय किया जाता रहा है और ये बात हम सभी लोग बखूबी जानते भी है. मगर पिछले कुछ महीनो में हालात बदलने शुरू हुए है जब से सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया है उसके बाद से ही अब विस्थापितों को अधिकार दिलवाने की बात की जा रही है.

सरकार का ऐलान, पीओके और अन्य जगह के विस्थापित कश्मीरियों को मिलेंगे 5.5 लाख रूपये
सरकार ने ऐलान किया है कि जो भी लोग 1947 या उसके बाद में बाकी जगहों ख़ास तौर पर पीओके को छोडकर के कश्मीर में आ बसे थे और उनके साथ में अन्याय किया गया. उन्हें वोट देने तक का अधिकार नही दिया गया, सरकारी नौकरी का हक़ तक नही दिया गया और ये परिवार आम तौर पर हिन्दू परिवार के लोग थे या फिर बकरवाल या गुर्जर समुदाय से ही आते थे जिन्हें हीन भावना की जिन्दगी शुरू से ही गुजारनी पड़ी है.

अपने ही देश में होते हुए इन लोगो को न तो कोई हक़ था न कोई सुविधा मिलती थी. इन सबकी भरपाई ये पांच लाख रूपये तो नही कर सकते है लेकिन पहले की इतनी भारी यातना से तो ये कुछ मिलना ही बेहतर है. अब सरकार इन समुदायों को कश्मीर में सही तरीके से बसाने, उन्हें वोट का अधिकार दिलाने और उनकी जनसँख्या का प्रतिशत स्थिर करने में जुटी है ताकि आगे चलकर के कोई भी इन पर अत्याचार न कर सके और कही न कही ये चीज बहुत ही ज्यादा जरूरी भी है.

अब अगर इन परिवारों के लिए काम करने में सरकार लग चुकी है तो फिर ये भी साफ़ है कि जल्द ही सरकार कश्मीरियों को भी पुनः वापिस वही पर बसाने पर भी काम करेगी. हालांकि इसमें थोडा समय लगेगा लेकिन उम्मीद की जा सकती है कि कुछ न कुछ चमत्कार तो जरुर देखने को मिलेगा.