अरुण जेटली की पत्नी ने उनके पति के नाम की पेंशन लेने से मना किया, कारण भी जान लो

307

जब भी कोई व्यक्ति सरकारी महकमे में होता है तो सभी लोग जानते है कि जब तक वो पद पर होता है तो उसे अच्छी तनख्वाह मिलती है और जब वो रिटायर हो जाता है तो उसे पेंशन मिलती है. यही नही जब उस व्यक्ति का देहांत हो जाता है तो उस व्यक्ति की पेंशन उसकी विधवा पत्नी को भी मिलती है. चाहे वो मंत्री मिनिस्टर हो या कोई सामान्य शिक्षको हो सभी के लिए ऐसा ही होता है. अब अरुण जेटली जी का देहांत हो गया है और ऐसे में उनकी भी कुछ पेंशन बनती है जो उनकी पत्नी को मिलनी थी.

जेटली जी की पत्नी ने किया पेंशन लेने से इनकार, कहा जरूरतमंदों को दे दो
अरुण जेटली की पत्नी का नाम संगीता जेटली है जिन्हें जब पेंशन के बारे में बताया गया तो उन्होंने एक पत्र लिखा जिसमे मंत्रालय से गुजारिश की है कि उनके नाम की पेंशन जो कि लगभग 3 लाख रूपये सालाना बनती है वो हमें न दी जाये. राज्यसभा में बहुत से ऐसे लोग काम करते है जिनकी तन्ख्वाह या पेंशन बहुत कम होती है ये पैसा उन लोगो के हित के लिए उपयोग में ले लिया जाये.

धन से पूरी तरह से संपन्न है जेटली परिवार
अरुण जेटली को जीवन में कभी भी पैसे की कमी नही पड़ी. उनके परिवार का अच्छा खासा काम था जिसके चलते वो कॉलेज में भी चुनाव लड़ लेते थे. उन्हें कोई सरकारी गाडियों तक का भी कोई शौक नही था. जहा तक हो सके उतना अपने पैसे से ही काम चला लेते थे. अब कही पर प्रोटोकोल आड़े आ जाए तो बात अलग है और उनकी संगत का असर उनकी पत्नी संगीता में भी देखने को मिल जाता है जो अपने पति की पेंशन लेने से इनकार कर रही है.

हालांकि अब इस पर लोग क्या रियेक्ट करते है ये तो समय ही बतायेगा मगर इस तरह के राजनीतिक परिवारों की वाकई में देश को जरूरत तो है और ये जरूरत समय के साथ में काफी कुछ बदल देती है. खैर जो भी है ऐसा कुछ लोग ही कर पाते है क्योंकि पैसो का त्याग इतना भी आसान नही है.