कांग्रेस में बगावत ही बगावत, बुरी फंस गयी है सोनिया गांधी

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कांग्रेस की स्थिति इन दिनों कैसी है इस बात से कोई भी अनजान नही है. पार्टी इस कदर बुरी हालत में है जिसकी कोई कल्पना भी नही कर सकता है और ऐसे समय में जब हाईकमान अपेक्षा करता है कि पार्टी के लोग और कार्यकर्ता  समेत नेता लोग उनकी मदद करेंगे, ऐसे समय में कांग्रेस के ही अपने लोग उसकी बैंड बजाने में लगे हुए है ऐसा कहना गलत नही होगा और ऐसा करने वाले कोई छोटे मोटे लोग नही बल्कि बड़े बड़े फाइव स्टार लेवल के नेतागण है जो सिर्फ और सिर्फ अपना प्रभुत्व जताना चाह रहे है.

अशोक तंवर ने किया था सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन, अब समितियों से भी इस्तीफा दिया
अशोक तंवर हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस रहे है. समय के साथ उनका दबदबा कम हुआ है और उनके पसंद के लोगो को टिकट नही मिला जिसके चलते उन्होंने न सिर्फ प्रदर्शन किया बल्कि कांग्रेस की कई समितियों से इस्तीफा तक दे दिया है. अशोक तंवर के बागी तेवर संभालने में कांग्रेस के पसीने छूट गये है और ऐसे में मान मनव्वल की बाते जारी है लेकिन कमजोर प्रतिनिधित्व के चलते कुछ भी हो नही पा रहा है.

संजय निरूपम भी नाराज, कहा पार्टी के चुनाव प्रचार में हिस्सा ही नही लूँगा
संजय निरूपम जो कि गांधी परिवार के करीबी होने के साथ ही साथ में एक प्रवक्ता भी रहे है. उनका कहना है कि मैंने सिर्फ एक व्यक्ति के नाम की सिफारिश मुंबई में की थी लेकिन उसे भी चुनाव के लिए सलेक्ट नही किया गया. मुझे नही लगता है अब मेरी कोई जरूरत है यहाँ पर,मैं पार्टी के किसी भी चुनाव प्रचार में हिस्सा ही नही लूँगा. अगले ट्वीट में संजय निरूपम ने खुदको पार्टी से बाहर करने तक की तरफ भी भविष्य में इशारा कर दिया है.

कान्ग्रेस के लगातार हारने के कारण उनका हाईकमान बहुत ही ज्यादा कमजोर हो गया है और ऐसे में स्थानीय और छोटे नेता भी उन पर हावी है. ऐसी स्थिति में पार्टी से कई लोग टूट रहे है. कुछ लोग वोट काट रहे है तो नितेश राणे जैसे नेता तो कांग्रेस को छोडकर के भाजपा तक में जा रहे है.