आदित्य ठाकरे वो करने जा रहे है जो उनके पिता उद्धव और दादा बाल ठाकरे भी नही कर पाये

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महराष्ट्र की राजनीति की बात आती है तो फिर उसमे ठाकरे शब्द का जिक्र तो होता ही होता है और बड़े ही शानो शौकत के साथ में होता है क्योंकि कही न कही ये वो परिवार रहा है जिसने मुंबई की सत्ता में न होते हुए भी पूरे शहर को अपने छत्र तले लेकर के दिखाया है जो एक बड़ा काम है. मगर कुछ चीजे है जिसमे ठाकरे परिवार सफल नही हो सकता मगर वक्त के साथ में सब होता है. आप नही कर पाते तो आपके बच्चे आपके वंशज वो सब कर ही दिखाते है.

आदित्य ठाकरे लड़ेंगे वर्ली से चुनाव, अब तक उनके परिवार से कोई भी मैदान में नही उतरा है
बाल ठाकरे के पोते और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे इस बार वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है. पहले यहाँ से शिवसेना के ही सुशील शिंदे विधायक थे जिन्हें अब अपनी सीट आदित्य ठाकरे के लिये छोडनी होगी ताकि वो जीतकर के आ सके. ये ठाकरे परिवार के लिये एक सपना पूरा होने जैसा है क्योंकि चाहे संगठन की जिम्मेदारियां हो या कोर्ट के प्रतिबन्ध हो इस कारण से उद्धव और बाल ठाकरे दोनों ही महराष्ट्र की केबिनेट तक पहुँच नही पाए थे.

सीएम के तौर पर आदित्य को किया जा रहा है प्रोजेक्ट
उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने के लिये हर संभव प्रयास किया जा रहा है. ये करना कही न कही अब ठाकरे परिवार के लिए जरूरी भी है क्योंकि दिन ब दिन राजनीति के मायने बदल रहे है, फडनवीस जैसे बड़े बड़े नेताओ का उदय हो रहा है और ऐसे में ठाकरे परिवार से कोई सीएम तीन पीढ़ी के बाद भी नही बनता है तो कही न कही दबदबा खत्म होने का डर रहता है क्योंकि तीस वर्ष पहले की राजनीति और अब की राजनीति में जमीन आसमान का अंतर है.

यही समझते हुए आदित्य का फेस बनाया जा रहा है. हालांकि शिवसेना के अध्यक्ष पद पर उद्धव ठाकरे ही बने रहेंगे और वो इसलिए क्योंकि इतने समय तक शिवसेना को संभालते हुए वो इसे लेकर के काफी अनुभवी हो चुके है और शायद उनसे बेहतर तो फ़िलहाल कोई चला ही नही सकता है.