कश्मीर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लेकर गये थे गुलाम और येचुरी, चीफ जज ने गजब बात कह दी

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सुप्रीम कोर्ट में फ़िलहाल के समय में एक ही मसले को कितना ही साफ़ होने के बाद भी बार बार घसीटने की मानो प्रथा ही हो चली है और चाहे कोर्ट के पास वक्त हो न हो लेकिन जो करवाना है उसके लिए जोर तो लगाना ही है और ऐसा ही कुछ लोग कश्मीर को लेकर के भी कर रहे है. अभी अगर आपको पूरे मामले के बारे में पता न हो तो बता दे सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में एक याचिका दायर की गयी है कश्मीर के मामले को लेकर और सरकार द्वारा लिए लिए जा रहे कश्मीरियों पर फैसलों के खिलाफ.

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इसे अपनी बेंच के पास में लेने से ही इनकार कर दिया कि अभी वक्त ही नही है. उन्होंने कहा ‘बेंच के पास में इतना समय नही है कि वो इतने मसलो को एक साथ में सुन सके क्योंकि अभी बेंच फिलहाल अयोध्या का मामला सुन रही है.’ इसी के साथ में ये बात तो साफ़ हो गयी है कि सुप्रीम कोर्ट की रंजन गोगोई वाली बेंच कश्मीर वाली याचिकाओं में कोई भी दिलचस्पी नही दिखा रही है और ये अपने आप में चौंकाने वाला है.

अब क्यों मिल रही है अयोध्या मामले को इतनी तवज्जो?
कुछ लोगो के लिए तो ये हैरान करने वाला भी है क्योंकि पिछले तीन दशक से जो अयोध्या का मामला कोर्ट में लटका हुआ था. बस चक्कर पर चक्कर काट रहा था वो अचानक से ही इतनी प्राथमिकता वाला कैसे बन गया? तो दरअसल इसके पीछे भी अपने कारण है. ये सबसे पुराने केसेज में से एक है जिसे लेकर के करोडो लोग जुड़े है. राजनीतिक पार्टियां भी आमने सामने औरर रंजन गोगोई अगर रिटायरमेंट से पहले इसे सुलझाकर के नही जाते है तो फिर ये उनके लिए जिन्दगी भर का ताना बनकर के रह जाएगा.

खैर बात ठीक भी है. वैसे सीताराम येचुरी और गुलाम नबी आजाद जिनकी ये याचिका थी उन्हें अब इसे लेकर के किसी और दरवाजे को खटखटाना होगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की सुप्रीम बेंच तो फ़िलहाल पूरी तरह से व्यस्त है.