चिदम्बरम की जमानत पर फैसला आ गया, CBI कोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट में गये थे

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पिछले कुछ दिनों से पी चिदम्बरम की हालत कुछ ठीक नजर नही आ रही है और ये बात सही भी है क्योंकि जिस तरह से चिदम्बरम की उम्मीदों पर लगातार पानी फिरता चला जा रहा है उसके बाद में तो उनके सामने उम्मीद की कोई किरण भी नजर आना बेमानी सी लगने लगी है. खैर अभी फ़िलहाल तो हम बात करते है चिदम्बरम के सीबीआई कोर्ट से बागी तेवरों की जिन्हें लेकर के वो खुदको बचाने के मकसद से हाईकोर्ट पहुंचे थे और कहा था जज साहब मुझे अब तो जमानत दे दो बड़े दिन हो गये जेल में मेहमान बने हुए.

हाईकोर्ट ने खारिच कर दी जमानत याचिका, कहा गवाहों को प्रभावित कर सकते है चिदम्बरम
पी चिदम्बरम की जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत की अर्जी को ये कहते हुए खारिच कर दिया कि अगर वो बाहर आते है तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकते है इसलिए उनका तिहाड़ जेल में रहना ही बेहतर है. इसी के साथ अब उनकी आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गयी है और वापिस उन्हें अपनी सेल की तरफ आँखे बंद करके रूख करना पडा है.

पहले से ही निराशा पर निराशा झेल रहे है पूर्व वित्त मंत्री साहब
चिदम्बरम पहले से ही परेशानियों में झिममिले हुए है. उन्होंने सीबीआई कोर्ट में जमानत की अर्जी दी वो खारिच हो गयी, उन्होंने जेल के अन्दर घर का खाना मंगाने की अनुमति मांगी वो भी खारिच हो गयी और अब हाई कोर्ट ने भी उन्हें झटका दे दिया है. यही उन्ही उन पर गवाहों पर प्रभाव डालने कीआशंका भी जताई है जिससे पता चलता है कि केस उनके हाथ में कितना कमजोर रह गया हिया और ऐसे समय में उनके पास में कोई भी रास्ता नही बचता है.

हालांकि उनके बेटे कार्ति चिदम्बरम उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे और लौटने के बाद में उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि मोदी या शाह कुछ भी नही कर पायेंगे. खैर न्याय व्यवस्था क्या करती है चिदम्बरम के साथ? ये तो आने वाला समय ही बतायेगा.