तुर्की कश्मीर मुद्दे पर दे रहा था पाकिस्तान का साथ, मोदी ने इस तरीके से लगाया दिमाग ठिकाने

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भारत और पाकिस्तान के बीच में जब भी कश्मीर को लेकर के बहस होती है तो पूरी दुनिया के लगभग सारे देश उनमे अगर चीन या इक्के दुक्के को छोड़ दिया जाये तो सभी के सभी भारत के पक्ष में खड़े हुए नजर आते है. इसके पीछे सभी के अपने कारण है. भारत के बड़ी ताकत है, भारत के सभी देशो से अच्छी खासे वित्तीय सम्बन्ध है जो अन्य देशो के पाक के साथ में नही है लेकिन इन सबके बावजूद भी एक देश है जो पाक को खुलकर सपोर्ट कर रहा था और वो है तुर्की लेकिन पीएम मोदी ने सही दवाई दे दी है.

तुर्की ने किया पाकिस्तान को सपोर्ट, पीएम मोदी ने उसके तीन विरोधी देशो को अपने साथ कर लिया
तुर्की के राष्ट्रपति बार बार कश्मीर पर पाक को सपोर्ट कर रहे थे. इसका जवाब देने के लिये प्रधानमंत्री मोदी ने तीन देशो के राष्ट्राध्यक्षो से मुलाक़ात की जिनमे तीन के नाम ग्रीस, साईप्रस और अर्मेनिया है. तीनो तुर्की के धुर विरोधी है और इनके साथ होकर पीएम मोदी अब तुर्की को उसी की चाल में फांस चुके है.

दरअसल ग्रीस तो शुरू से ही तुर्की को फूटी आँख नही सुहाता है जिससे पीएम ने पक्की दोस्ती बिठा ली है और बात करे अगर साइप्रस की तो हुकुम का इक्का वही है. दरअसल तुर्की और साईप्रस के बीच में 1974 में एक युद्ध हुआ था जिसमे तुर्की ने साईप्रस की काफी बड़ी जमीन हथिया ली थी. दोनों के बीच में उस जमीन को लेकर के अभी तक विवाद चल रहा है और ऐसे में पीएम मोदी ने कश्मीर के जवाब में साईप्रस को इस विवाद में एक तरह से सपोर्ट दे दिया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने साईप्रस की संप्रभुता, क्षेत्रीय स्वायत्तता और उसकी स्वतंत्रता पर जोर दिया है जिसका सीधा मतलब है कि साईप्रस को अब तुर्की परेशान करना बंद करे और उसकी जमीन उसे वापिस करे. विश्व मंच से तुर्की को ये बड़ा सन्देश दे दिया गया है. अब अगर तुर्की का राष्ट्रपति कश्मीर के बारे में बोलने के बारे में सोचेगा भी तो उसके दिमाग में साईप्रस की घंटी बजेगी और डर लगेगा कि कही अन्तराष्ट्रीय दवाब में वो अपनी जमीन कश्मीर के चक्कर में न खो दे.