मोदी सरकार का कश्मीर को लेकर एक और बड़ा ऐलान, जिसे सुन हिन्दू उछल पड़ेंगे

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मोदी सरकार जिस तरह से कश्मीर में काम कर रही है. पहले अनुच्छेद 370 को हटाया गया, उसके बाद उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया और तो और जो लोग इसका विरोध करते और माहौल खराब करते उन्हें तुरंत पकड़कर अन्दर कर दिया गया चाहे कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो? ये सब तो हो ही रहा है और पूरा देश इस प्रक्रिया से काफी संतुष्ट भी नजर आ रहा है. आखिर जो लोग चाह रहे थे और जो एजेंडा था वो पूरा भी हो रहा है लेकिन अभी भी मोदी सरकार तो इससे आगे बढकर के भी काफी कुछ करने जा रही है.

कश्मीर में बंद पड़े 50 हजार के करीब मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उनके कपाट खोले जायेंगे
कश्मीर और उसके आस पास के इलाको में एक अनुमान के मुताबिक़ 50 हजार मंदिर है जिन पर या तो कुछ और बिल्डिंग बना दी गयी है या फिर उन्हें बंद करके रख दिया गया है. सरकार उन सभी की पहचान करेगी और उन मंदिरों को ठीक करके उन सभी के कपाट फिर से खोले जायेंगे. उन मंदिरों को शुरू किया जाएगा जो हिन्दुओ की आस्था का केंद्र हुआ करते थे. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने खुद इस बारे में जानकारी दी है.

कश्मीरी पंडितो को भगाया तब तोड़ दिये थे ये मंदिर
जब आज से लगभग तीन दशक पहले कश्मीरी पंडितो को वहाँ से भगाया गया था तो कश्मीर में जितने भी मंदिर और मंदिरों की जमीने थी उन पर वहाँ के बाकी लोकल लोगो ने कब्जा कर लिया. कुछ ऐसे ही रहे, कुछ पर मस्जिदे बना दी गयी. कुछ को छुपाकर वहाँ लोगो ने अपने आशियाने बना लिए और ये सब कुछ खुलेआम चलता रहा. किसी को भी इससे कोई भी फर्क नही पड रहा था उन्हें तो मुफ्त में बैठे बिठाए जमीन जो मिल रही थी.

सरकार अब इसी पर फोकस करते हुए नजर आ रही है जैसा कि किशन रेड्डी का बयान है. खैर ये सब कब हो पाता है और क्या वाकई में सब कुछ ठीक तरह से हो जाएगा? ये तो आने वाले समय में ही पता चल पायेगा क्योंकि सरकार ऐसा कुछ करती है तो उनका और भी ज्यादा विरोध कश्मीर में होगा.