उपचुनाव में बुरी तरह हारी मायावती, हार के पीछे बतायी वही पुरानी रटी रटायी वजह

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अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में उपचुनाव हुए है. हम हमीपुर के चुनावों की बात कर रहे है जो अपने आप में यूपी की राजनीति की दशा और दिशा दोनों ही तय करने वाला बताया जा रहा है. इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 76 हजार वोटो के साथ में जीत हासिल की. सपा दुसरे नम्बर पर रही जबकि मायावती की पार्टी बसपा तीसरे नम्बर पर लास्ट बनी रही. अब चुनाव हारे है तो फिर किसी न किसी पर तो ठीकरा फोड़ना ही था सो फिर से वही पुराना वाला राग अलापना शुरू कर दिया गया है.

मायावती ने हमीरपुर में हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा
चुनाव हार जाने के बाद में मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘भाजपा द्वारा ईवीएम वगेरह से चुनाव में धांधली की गयी है. ये क्रम पहले से था और अब हमीरपुर में भी जारी रहा, सभी जानते है बारिश में इनके वोटर निकले ही नही थे. अगर बीजेपी की नीयत सही है तो इन्होने सभी 12 जगहों पर उपचुनाव एक साथ में क्यों नही करवाए?’ मायावती ने कुल मिलाकर के अपनी हार की समीक्षा करने की बजाय इसका पूरा का पूरा हिसाब ईवीएम पर छोड़ दिया है.

जनता पहले ही कर चुकी है इसे खारिच
ईवीएम में धांधली का मामला तो सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक जा चुका है. वहाँ पर हर तरह से चेकिंग हुई, लोगो को इसमें खामियां ढूँढने के लिए आमंत्रित किया गया और जब कुछ भी हो नही पाया तो इसे क्लीन चिट मिल गयी एक तरह से. अब इसके बाद भी राजनीतिक पार्टियाँ अपने राजनीतिक फायदे या फिर अपनी कमियों को छुपाने के लिए ईवीएम का सहारा लेती है तो ये अपने आप में लोकतंत्र और उसकी व्यवस्था का अपमान करने के जैसा ही है.

जनता पहले ही इसे खारिच कर चुकी है. भाजपा पर लगातार ईवीएम में गडबडी करने के आरोप लगे है लेकिन इसके बावजूद पार्टी पर जनता ने फिर से पिछले लोकसभा चुनावों में भरोसा जताया है. वीवीपेट की मदद से हुए कन्फर्मेशन में भी कुछ भी गलती नही पायी गयी. ऐसे में मायावती का ये बयान सियासत से ज्यादा और कुछ नही है.