सिर्फ 10 दिन में राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट बड़ा चमत्कार कर सकता है

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हिन्दू पक्ष अपनी आस्था और अपने सारे सवाल लिये हुए सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाये हुए देख रहा है क्योंकि जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी अब अयोध्या में स्थित जन्मभूमि पर फैसले का इन्तजार है लेकिन इन सबके बीच एक खबर आयी है. अब वो अच्छी है या फिर बुरी है ये तो आने वाला समय ही तय करेगा क्योंकि चीफ जस्टिस ने जो कहना था वो कह दिया. आखिर 10 दिन में ऐसा क्या होने वाला है? और इसका सीधा सम्बन्ध चीफ जज के रिटायरमेंट से भी है.

चीफ जज ने कहा, सुनवाई के लिये सिर्फ 10 दिन इतने में सुनवाई पूरी करवाये सभी पक्ष तो रंजन गोगोई के रिटायरमेंट से पहले फैसला दे देंगे
26 सितम्बर को जब सुनवाई हो रही थी तो चीफ जज ने खुद कहा कि हमारे पास में अब सुनवाई के लिए महज साढ़े 10 दिन बचे है. इसमें से दशहरा और बाकी सभी त्यौहारों को हटा दिया जाए तो 18 अक्टूबर तक सिर्फ दस दिन तक सुनवाई हो सकेगी. सभी पक्ष अपनी अपनी दलीले दे दे और सुनवाई ख़त्म करवाने में सहयोग दे तो हम उसके बड़ा अगले 4 हफ्तों में फैसला लिखेंगे और मध्य नवम्बर तक चीफ जज के रिटायरमेंट से पहले फैसला सुना दिया जाएगा.

क्या होगा अगर सुनवाई और दलीले पूरी नही हो पायी?
राम मंदिर पर फैसला रोकने के लिए कई ताकते लगी हुई है और अगर इन दस दिनों के भीतर सुनवाई को पूरा नही किया गया तो फिर इस पर अभी फैसला नही आ पाएगा क्योंकि चीफ जज रिटायर हो जायेंगे और फिर सुप्रीम कोर्ट में कई चेहरे बदलेंगे. नये लोग आयेंगे नयी बेंच बनेगी और इसके बाद में उन्हें राम मंदिर के केस को समझने के लिये पूरी सुनवाई फिर से करनी होगी जिसमे कई महीने फिर से लग जायेंगे और मामला पहले की तरह लटकता रह जाएगा.

वैसे रंजन गोगोई पूरी कोशिश कर रहे है कि उनके रिटायर होने से पहले वो इस उलझे हुए मुद्दे को सुलझाकर के सब कुछ क़ानूनन ठीक करके ही जाये मगर सब कुछ उनके हाथ में भी नही है. अगर दलीले ही पूरी नही हो पाती है तो फिर फैसला भी मुश्किल है. हालांकि कोर्ट दस दिन में चमत्कार करने की उम्मीद जरुर कर रहा है.