कल्याण सिंह की जमानत पर कोर्ट का फैसला आ गया, बाबरी गिराने की साजिश में है आरोपी

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90 का दशक अपने आप में काफी सारी छाप छोड़ गया है. इस दौरान कई ऐसे काण्ड हुए जिन्हें कोई भी कभी भी भुला नही सकता है और ऐसे में बाबरी को गिराने का जो काण्ड हुआ था उसने तो सभी को हिलाकर के ही रख दिया था. हजारो की संख्या में रामभक्तो ने विवादित ढाँचे पर चढ़ाई करके उसे गिरा दिया था. इसके बाद में कई आरोपी बने कईयो पर आरोप तय भी हुए, कई छूट भी गये लेकिन ऐसे समय में साक्ष्य न होने के चलते तीन दशक बाद भी केस सिर्फ चल ही चल रहे है.

कल्याण सिंह पर हुए थे आईपीसी 120 बी के तहत साजिश रचने का तय हुआ था आरोप, कोर्ट ने दे दी जमानत
अभी भी इस मामले पर जांच चल रही है, सुनवाई चल रही है और 2017 में आडवानी, विनय कटियार और कल्याण सिंह पर आरोप तय किये गये थे कि उन्होंने साजिश रची है. फ़िलहाल के लिये केस उनके पक्ष में आते हुए नजर आ रहा है जिसके चलते कल्याण सिंह को लेकर के सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें जेल न भेजने का निर्णय किया और 2 लाख रूपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है.

आपको बता दे अभी भी उनके अलावा भी 32 आरोपी है जिन्हें लेकर के सुनवाई हो रही है और कोर्ट की निगरानी में जांच हो रही है. इस मामले में 300 से भी अधिक गवाह पेश किये जा चुके है मगर फ़िलहाल तो केस को लेकर के कोई भी नतीजा सामने नही आ सका है और कई तो ऐसे आरोपी और गवाह भी है जिनकी केस में हाजिरी देते देते जान चली गयी, उनकी उम्र पूरी हो गयी लेकिन कोई नतीजा नही सका इसलिए अब यहाँ कोई ख़ास उम्मीद बची नही है क्योंकि साक्ष्य मिल पाने ही संभव नजर नही आते.

आपको बता दे जब बाबरी गिरी थी तब कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे और जब इतना कुछ हो गया तो उसके बड़ा में उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. कहा जाता है कि उन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी कुर्बान कर दी थी.