राम मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से ऐसा सवाल पूछा, जिसका जवाब उनके पास नही है

2016

अगर फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सबसे पुराने और संवेदनशील केस की बात की जाए तो वो तो सिर्फ एक ही है और वो है राम मंदिर. राम मंदिर का मलसा पिछले लगभग तीन दशको से कोर्ट के चक्कर निकाल रहा है और इस वजह से लोगो की हिम्मत और सब्र भी अब जवाब सा देने लगा है. सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के अंतिम चरण में है जहाँ पर कुछ तीखे सवाल हो रहे है जिनके जवाब देखते हुए मंदिर का पक्ष बाबरी के आगे काफी ज्यादा मजबूत नजर आता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हिन्दुओ की आस्था को चेलेंज कर रहे हो आप
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के 29वे दिन पर जज साहब ने मुस्लिम पक्ष से कहा ‘इस मामले के जरिये आप हिन्दुओ की आस्था को पूरी तरह से चुनौती दे रहे है. ये आपके लिए बड़ा ही मुश्किल भी होने वला है क्योंकि ये हिन्दुओ के लिए ऐसा स्थान है जैसा मुस्लिमो के लिए मक्का है, ये बात एक मुस्लिम गवाह ने ही कही है.’ इस सवाल का जवाब मुस्लिम पक्ष के पास में भी नही है कि वो करोडो लोगो की आस्था का सामना किस तरह से करेंगे.

राजीव धवन ने मान लिया है अयोध्या को रामजन्मभूमि
इन सबसे परे एक बात ये भी है कि सुन्नी वफ्फ़ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि अयोध्या राम जन्मभूमि है और साथ ही साथ में वो ये भी कह चुके है कि उन्हें पूरी तरह से इस जमीन से बाहर न किया जाए. जिस तरह से मुस्लिम पक्ष की दलीले पूरी तरह से बेकफुट पर आ गयी है उसके बाद में ये तो साफ़ हो ही गया है कि मंदिर बनना लगभग लगभग तय है मगर अभी भी कोर्ट का फाइनल आर्डर आने तक इन्तजार करना होगा.

कई ऐसे किस्से, दस्तावेज और तमाम चीजे है जो ये साबित करती है कि ये जमीन हिन्दू पक्ष की तरफ जाती है और खुदको राम का वंशज बताने वाले घराने भी इस बात का दावा करते है जो अपने आप में काफी कुछ साफ़ कर देता है. हालांकि आर्डर आने तक रूकना तो होगा.