इन 3 कारणों महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव फिर से चुनाव जीत जायेगी बीजेपी

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केंद्र में भाजपा की सरकार है और अभी अगले केन्द्रीय चुनावों में देरी है मगर राज्यों के चुनाव तो होते ही रहते है और अब अगले दो महीनो में दो बड़े राज्यो में चुनाव है पहला तो हरियाणा और दूसरा महाराष्ट्र. वर्तमान में दोनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है और वो यहाँ अपना गढ़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी और इस बात खेल तय माना जा रहा है कि कौन जीतेगा? इसके पीछे की वजह आखिर क्या है वो भी हम आपको बता ही देते है. चलिए जानते है वो फैक्टर्स जो इस बार चुनावी मूड तय कर रहे है.

अनुच्छेद 370 और तीन तलाक का हटना
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर के राष्ट्रवाद की लहर में जो उबाल ला दिया है उससे उनका एक डेडीकेटेड वोटबैंक मजबूत हुआ है और लोग इससे खुश है. उन्हें मोदी के विजन पर भरोसा फिर से हो गया है. वही इसके अलावा सरकार ने तीन तलाक को भी खत्म कर उस पर क़ानून पास किया है जो मुस्लिम महिलाओं से वोट दिलवाने की उम्मीद जताता है. हालांकि पुरुषो से उन्हें मिलने वाले वोट का प्रतिशत तो पहले से ही कम है.

कांग्रेस में आंतरिक कलह और कमजोर संगठन
इन दोनों ही राज्यों में भाजपा का कोई मुकाबला कर सकता था तो वो थी कांग्रेस पार्टी मगर दोनों ही राज्यों में उनकी बड़ी लीडरशिप में ही आंतरिक कलह काफी बढ़ी हुई है. हाल ही में उर्मिला मातोंडकर ने पार्टी छोड़ दी, पार्टी में पक्षपात के आरोप लगे मिलिंद देवड़ा भी पार्टी से अलग थलग दिख रहे है और हरियाणा में तो हुड्डा खुद कांग्रेस का बेडा गर्क करते हुए नजर आ रहे है.

मोदी और क्षेत्रीय नेताओं का मिली हुई मजबूत छवि
मोदी ने हाल ही में अमेरिका में हाऊडी मोदी जैसा कार्यक्रम आयोजित किया है. लोग कही न कही चाहेंगे कि ऐसे विश्वनेता की पार्टी की सरकार ही उनके राज्य में बने. पीएम की लोकप्रियता इन सालो में कई अंको से बढ़ी है. इसके अलावा भाजपा के पास दोनों राज्यों में मजबूत उम्मीदवार मनोहरलाल खट्टर और देवेन्द्र फडनवीस है जबकि कांग्रेस में इसी को कलह है कि कौन सबसे बड़ा नेता है?