अमित शाह से मिली ममता बनर्जी, इस डर के चलते मिलने जाना पड़ा

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आज के वक्त में मोदी सरकार की अगर सबसे मुखर विरोधी कोई है तो वो है ममता बनर्जी. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मोदी सरकार की हर नीति का, हर बैठक का, हर एजेंडे का खुलकर के विरोध करती है और कोशिश तो यही करती है कि वो उन्हें बंगाल में घुसने ही न दे लेकिन केंद्र की सरकार की ताकत के आगे साफ़ तौर पर राज्य सरकार बौनी हो जाती है और इस बात में कोई भी शक नही है. हम आज आपको इसी से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे है जो अभी हाल ही में घटित हुआ है.

अमित शाह से मिली ममता बनर्जी, एनआरसी को लेकर उठायी मांग
मोदी और शाह की सरकार लगातार इस कोशिश में लगी हुई है कि बाहरी घुसपैठियों को जो भी अन्य देशो से भारत में आये है उन्हें वापिस भेज दिया जाये. इसके लिए उन्होंने असम में एनआरसी लागू भी किया है जिसके चलते लगभग 19 लाख लोग इस लिस्ट से बाहर हो गये है. अब संभव है सारी प्रक्रियाए पूरी होने के बाद में इन्हें बाहर कर दिया जाए. सरकार असम ही नही बल्कि बंगाल जैसे राज्यों में भी एनआरसी लागू करने की कोशिश में है.

ममता बनर्जी इसके सख्त विरोध में है लेकिन केंद्र जिस नीति के साथ में आगे बढ़ रहा है उससे ममता जाहिर तौर पर घबराई हुई है और इसी घबराहट में ममता बनर्जी ने अमित शाह से मुलाक़ात करके मांग उठायी कि एनआरसी के जरिये नागरिको को परेशान न किया जाये. मोटा भाई ने किसी भी तरह का कोई आश्वासन नही दिया है जिससे उनकी मंशा साफ़ हो जाती है कि वो आखिर करना क्या चाह रहे है?

सीएम पर शुरू से लगते रहे है घुसपैठियों के हिमायती होने के आरोप
ममता बनर्जी पर शुरू से ही आरोप लगते रहे है कि वो बांग्लादेश से आने वाले लोगो की हिमायत करती है और उन्हें बंगाल में बसने भी देती है. कहा जाता है इसके जरिये वो टीएमसी का एक नया वोट बैंक पुख्ता करने की कोशिश में है लेकिन इसी वजह से राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी को अच्छी खासी आलोचना का भी सामना करना पड़ता है.