जब शमशान में थे मोदी तभी आया वाजपेयी का फोन, कही थी ऐसी बात जिसने उनकी जिन्दगी बदली दी

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अटल बिहारी वाजपेयी के बाद में भारतीय जनता पार्टी में कोई नेता सबसे ज्यादा उभरकर के आया है तो वो है नरेंद्र मोदी और इस बात में कोई भी शक नही है मगर इस बात को कोई नकार नही सकता कि आज मोदी जो है उसके पीछे भी कही न कही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का हाथ और सपोर्ट रहा है. अब आप पूछेंगे कैसे? तो इसके पीछे भी एक किस्सा है जो आपको जानना चाहिए क्योंकि यही मोदी और वाजपेयी को जोड़ता भी है.

प्लेन क्रेश में खत्म हुए पत्रकार के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे मोदी, पीछे से आया था अटल जी का फोन
ये बात सन 2001 की है जब मोदी महज एक नेता थे, कोई गुजरात के मुख्यमंत्री भी नही बने थे. माधवराव सिंधिया का प्लेन उस वक्त क्रेश हो गया था और उसमे उनका निधन हो गया था. उनके निधन पर सभी दुखी थे और उनके अंतिम संस्कार में जमावड़ा लगा हुआ था लेकिन मोदी ने देखा उनके साथ में उसी प्लेन में बैठे एक पत्रकार की भी जान चली गयी है, उसे कोई पूछ ही नही रहा? उन्होंने निश्चय किया कि वो उस पत्रकार के परिवार वालो को सांत्वना देने जायेंगे.

मोदी शमशान घाट पहुंचे और वही खड़े थे तभी पीछे से अटल जी का फोन आया और पूछा ‘कहाँ हो?’ मोदी जी ने जवाब दिया शमसान में. अटल जी इस पर हंसने लगे और कहने लगे तुम शमसान में हो तो क्या कहूं? मोदी जी ने जवाब देते हुए कहा आपने कॉल किया है तो कोई जरूरी बात ही रही होगी, बताइए. तब अटल जी ने उन्हें ऑफर किया कि वो गुजरात के मुख्यमंत्री बने. नरेंद्र मोदी ने तुरंत ये ऑफर एक्सेप्ट कर लिया और इसके बाद उन्होंने अटल जी के आवास पर जाकर के उन्हें धन्यवाद भी किया.

इसके बाद सन 2001 से 2014 तक वो गुजरात के मुख्यमंत्री बने रहे. इस दौरान गुजरात ने काफी विकास देखा और अद्भुत यात्रा की जिसके बल पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान मिली और वो उस जगह पहुँच गये जहाँ आडवानी थे.