कभी करती थी मोदी का बहिष्कार, अब इस वजह से मांग रही मिलने का समय

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ममता बनर्जी आज की तारीख में प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी धुर विरोधी मानी जाती है और उनके काम ऐसे रहे भी है. शुरू से ही ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी को बंगाल में आने से रोकने में लगी हुई है और इसके बावजूद भी जब बीजेपी ने बंगाल में एक अच्छी खासी जीत लोकसभा चुनावो में हासिल कर ली तो ममता बनर्जी ने मोदी और शाह की बैठको का बहिष्कार करना शुरू कर दिया. मगर ये सब चलकर भी कितने वक्त तक चल पाता? आखिरकार अब ममता बनर्जी को उसी दरवाजे पर लौटकर के फिर से आना पड़ा है.

ममता के कार्यालय ने किया पीएमओ से संपर्क, माँगा मिलने के लिये वक्त
एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ममता बनर्जी के कार्यालय से प्रधानमंत्री के कार्यालय को फोन आया था. ममता बनर्जी की तरफ से पीएम से मुलाक़ात करने का वक्त माँगा गया जो उन्हें दे भी दिया गया. संभव है कि दिल्ली में इस बुधवार को शाम के 4.30 बजे ममता बनर्जी खुद जाकर के मोदी जी से मुलाक़ात करे. बताया जा रहा है फंड, प्रशासन और सीबीआई जांचो के सन्दर्भ में ममता पीएम से कुछ बातचीत करना चाह रही है. अब वो बुरी स्थिति में जो है.

इससे पहले करती थी ममता पीएम मोदी की बैठको का बहिष्कार
ममता बनर्जी सरकार द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में लम्बे समय से शरीक नही हो रही थी. यहाँ तक कि उन्होंने नीति आयोग की बैठक जिसके अध्यक्ष पीएम होते है उसे भी बेकार बताकर के उसमे आने से मना कर दिया था. वो भाजपा को अपने राज्य में कार्यक्रम करने से रोकने की भी हर पुरजोर कोशिश कर रही थी मगर सब कुछ एक सीएम होने भर से नही हो जाता है.

लोग भी देखकर के स्वागत कर रहे है कि ममता बनर्जी के इतने अपमान करने के बावजूद, पीएम के बारे में इतनी अनर्गल बाते करने के बाद भी उन्होंने ममता बनर्जी को वक्त दिया ताकि वो अपनी समस्या बता सके. ये चीज कही न कही मोदी को सबसे अलग बनाती है.