योगी आदित्यनाथ और खट्टर अब वो करने जा रहे है जिससे यूपी और हरियाणा में बवाल हो सकता है

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हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. दोनों ही राज्यों में राष्ट्रवाद का परचम लहरा रहा है और काम भी उसी एजेंडे को साथ में लेते हुए हो रहे है मगर फ़िलहाल की अगर बात करे तो इधर योगी और उधर खट्टर दोनों ऐसी तरफ कदम बढाने की बात कर रहे है जहां से वापसी मुमकिन नही होती. जो काम असम में हुआ है वो यहाँ भी करने की बात की जा रही है. आप बिलकुल ठीक समझ रहे है हम एनआरसी की बात कर रहे है.

योगी और खट्टर चाहते है अपने अपने राज्य में एनआरसी, भविष्य में हो सकती है जल्द ही लागू
असम में एनआरसी का काम पूरा हो गया है और इसके बाद में अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा ‘एनआरसी को लेकर के कोर्ट के आर्डर को लागू करना अपने आप में साहसिक काम था. इसके लिए पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह बधाई के पात्र है. वही बात करे अगर उत्तर प्रदेश की तो जब जरूरत होगी तब इसे यूपी में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा’.

वही हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर तो उनसे भी दो कदम आगे निकलते हुए कहते है ‘हम हरियाणा में भी एनआरसी लागू करेंगे. इसके लिए न्यायमूर्ति भाल्लाजी इस पर काम भी कर रहे है. इस पर हमने उनसे यानी भल्ला जी से सुझाव भी मांगे है.’ अगर इन दो राज्यों में एनआरसी लागू होती है तो लोगो को अपनी नागरिकता साबित करनी होगी और इसके बाद ही उन्हें भारत में रहने का अधिकार होगा जो उन लोगो के लिए चिंता का सबब बनेगा जो गलत तरीके से भारत में घुसकर के रह रहे है.

क्यों हो सकता है बवाल?
ये लोग अधिकतर एक समुदाय विशेष से आते है जिनका भारत में गलत तरीके से घुसना होता है और ऐसे में वोट बैंक पॉलिटिक्स को बड़ा ही जोर का झटका लगता है जिसके चलते मामला राजनीतिक हो जाता है जिसके चलते सरकारो को शासन में दिक्कत आती है.