योगी आदित्यनाथ को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, उनका अब तक का सबसे बड़ा फैसला खारिच किया

156

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दमदार फैसले और तीक्ष्ण तरीके से बात करने की कलाक ओ लेकर के जाने जाते है और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान भी है इस बात में कोई भी शक नही है और उनसे बड़ा फ़िलहाल यूपी में तो कोई नही है लेकिन जब बात न्याय और नियम की आती है तो फिर कोर्ट वहां दखलअन्दाजी जरुर करता है और ऐसे में योगी आदित्यनाथ को हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है जो उनकी राजनीतिक पारी के गोल्डन पत्ते को हिला कर रख चुका है.

योगी सरकार ने 17 ओबीसी जातियो को दिया था एससी का दर्जा, हाईकोर्ट ने फैसला खारिच किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में योगी सरकार द्वारा आरक्षण के मामले में किये गये बदलाव को लेकर के सुनवाई थी जिसमे उन्होने करीबन 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल कर दिया था. इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक दिया है और कहा है कि ऐसा करने का अधिकार राज्य सरकार को नही है. इस तरह के बदलाव सिर्फ और सिर्फ संसद ही कर सकती है जिसके चलते योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा किये गये इस फैसले को नही माना जाएगा.

क्या थी योगी सरकार की मंशा?
इन जातियों को एससी का दर्जा देकर के योगी सरकार दलित समुदाय में अपनी पैठ बढ़ा सकती थी क्योंकि बाद में इन्हें भी एससी कहकर के संबोधित किया जाता और इनसे कांटेक्ट कही न कही बाकी दलितों से भी कांटेक्ट बढाने में मदद ही करता. वही इन जातियों को आरक्षण का फायदा मिलने पर जाहिर तौर पर ये भाजपा की तरफ झुकाव बढ़ाती. इनमे निषाद, मल्लाह, केवट, बिन्द जैसी तमाम जातियां शामिल की गयी है.

सरकार ने ने तो इन्हें जाति प्रमाण पत्र जारी करने का भी आदेश दे दिया था लेकिन हाईकोर्ट के आदेश ने इन पर रोक लगा दी है. अब संभव है कि मामला कोर्ट में जाए लेकिन क़ानून की जो विवेचना हाई कोर्ट में हुई है वो ही शायद सुप्रीम कोर्ट भी करेगा तो कोई अर्थ नही. ऐसे में योगी सिर्फ मोदी और शाह से कहकर संसद से बिल पारित करवाकर अपना काम बना सकते है.