30 साल पहले फोड़ा था ममता बनर्जी का सर, अब उस आरोपी पर हाईकोर्ट ने फैसला दिया है

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज बंगाल की सबसे ताकतवर और कद्दावर नेता है. उनके आस पास भी कोई नही फटक पाता जब तक वो न चाहे और उनकी मर्जी से ही लोग राम का नाम तक ले या नही ले पाते है. आज वो इस हालत में है लेकिन हमेशा से ये सब ऐसा नही था. ममता बनर्जी शुरू में युवा कांग्रेस से जुडी थी और यहाँ संघर्ष के दौरान ही ममता को अपने ऊपर हमले देखने पड़े थे फिर देखते ही देखते वो बंगाल की राजनीति में सर्वोच्च स्तर पर पहुँची हुई है. पहले तो मामला जान लेते है कि क्या हुआ था?

1990 में ममता बनर्जी पर किया था वार, हॉस्पिटल में रही थी
ये तब की बात है जब ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की नेता था और तब माकपा से उनका 36 का आंकड़ा भी रहता था. उस दौर में ममता बनर्जी पर माकपा से ही जुड़े एक युवक ने कथित तौर पर सर पर दे मारा था. इससे ममता बनर्जी घायल हो गयी थी जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया और वो काफी दिन तक इससे उबर ही नही पायी थी.

इतने समय बाद भी कोर्ट में नही कोई सबूत, सबूत के अभाव में बरी
आरोपी इतने समय के बाद में भी कोर्ट में ये साबित नही हो पाया है कि ये सब किसने किया है? बिना सबूत के सजा भी नही दी जा सकती है और ऊपर से अब आरोपियों में से कई सारे लोग है जो गुजर ही गयी है. तो ऐसे में कोर्ट सजा देने की स्थिति में ही नही है तो आरोपी लालू को बरी कर दिया गया है. ये ममता बनर्जी के लिए एक झटके की तरह जरुर है लेकिन सच यही है.

हालांकि इसके बाद में ममता ने खुदको सुरक्षित कर लिया और फिर तो वो तृणमूल को चलाने लगी जो आज बंगाल की सबसे बड़ी पार्टी है. हालांकि अब बंगाल में उनके रवैये को लेकर के विरोध के स्वर उठने लगे है और लोग उनसे परेशान तक हो गये है.