चालान की राशि बढाकर नयी मुसीबत में फँसी भाजपा, मुसीबत लाने वाले भी अपने ही लोग

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नितिन गडकरी हाल ही में परिवहन मंत्री होने के नाते एक नये किस्म की नीति सामने लाई है जिसे मोटर व्हीकल एक्ट 2019 कहा जा रहा है. इसमें जो चालान पहले 1000 से 2000 के कटते थे वही चालान अब 10 से 20 हजार के कटने लगे है. लोग इससे बड़े परेशान है लेकिन नितिन गडकरी इस पर बड़े ही सख्त है और उन्होंने साफ़ साफ़ तौर पर कह दिया कि सबको इसकी पालना तो करनी ही होगी. मगर अब लगता है नितिन गडकरी का लिया हुआ ये फैसला उनके लिये नयी परेशानी खड़ी कर रहा है और परेशानी खड़े करने वाले भी अधिकतर लोग भी बीजेपी से आते है.

कई राज्यों ने नये क़ानून से अपना पल्ला झाड़ा, अगले चुनाव के डर से कम की जुर्मानो की राशि
जहाँ एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार इस क़ानून को लागू करवाना चाह रही है वही दूसरी तरफ राज्यों की भाजपा सरकार और उनके मुख्यमंत्री इससे दूर भाग रहे है. इसमें गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में तो जुर्मानो की राशि घटा दी गयी है. झारखंड भी इस पर विचार और मीटिंग ले रहा है कि इस नए क़ानून पर क्या किया जाए? वही बंगाल और यूपी में तो अभी तक ये नया चालान वाला क़ानून लागू ही नही है. बंगाल तो इसका पूरी तरह से विरोध ही कर रहा है.

इस पर क्या कहते है नितिन गडकरी?
नितिन गडकरी लोगो पर तो सख्त है और कहते है ट्राफिक नियमो का पालन करना ही होगा वही बात करे राज्यों की तो उन पर नरमी बरतते हुए नितिन गडकरी कहते है कि अगर राज्य सरकारे चाहे तो अपनी शक्ति का उपयोग करके इस क़ानून में अपने अनुसार बदलाव कर सकती है.

अभी जो भी राज्य सरकारे इसे लागू नही कर रही है या फिर बदलाव लाने से डर रही है उनमे से अधिकतर में चुनाव है और चुनावी डर से ही वो लोग इसे लागू नही कर रहे है क्योंकि अगर लोगो के भाजपा राज में इतने महंगे चालान कटेंगे तो फिर बीजेपी के लिए उनका वोट हासिल करना मुश्किल हो जाएगा.