आज पाकिस्तान की कश्मीर के चक्कर में अंतर्राष्ट्रीय बेइज्जती हो गयी, दुबारा नाम नही लेगा

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पाकिस्तान शुरू से ही इस बात की कोशिश में रहा है कि वो किसी न किसी तरह से कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय दखल को बढ़ा दे और ये अपने आप में एक कूटनीतिक जीत की तरह देखा जाएगा लेकिन पाक की बदकिस्मती तो देखिये पाक ये चीजे चाहकर के भी हासिल नही कर पा रहा है और इससे दुखद भला और हो भी क्या सकता है? खैर आपको बता दे कश्मीर को पाने की कोशिश में एक बार फिर से पाक ने अपनी फजीहत करवा दी है क्योंकि इस बार सबसे बड़ी संस्था ने ही पाक को नकार दिया है.

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान की मध्यस्थता करने की अपील को नकारा, कहा ‘दोनों देश आपस में सुलझाओ’
पाक जानता है वो अकेले कुछ भी कर नही पायेगा और इसलिए वो हमेशा ही तीसरे पक्ष को मध्यस्थता में लाने के पक्ष में रहा है और ऐसे में पाक ने एक बार फिर से ऐसा ही किया. पाक संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर में मध्यस्थता करने की अपील लेकर के एक बार फिर  से पहुंचा और इस बार तो यूएन के अध्यक्ष ने खुदने पाक को सुना दिया है.

संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष एंटोनियो गुटेरेस ने पाक को जवाब देते हुए कहा ‘भारत और पाक दोनों को ही किसी भी तरह के आक्रामक रवैये से बचना चाहिये और दोनों देशो को आपस में बैठकर के इस मसले को सुलझा लेना चाहिये. हम इसकी मध्यस्थता करने के पक्ष में नही है. भविष्य में अगर भारत इसकी मध्यस्थता करने को कहता है तो फिर इस मसले पर विचार किया जा सकता है.’ संयुक्त राष्ट्र के अध्यक्ष जो सबसे बड़ा पद है उसका इस तरह का बयान साफ़ करने के लिए काफी है कि भारत के खिलाफ पाक को कही पर भी मदद नही मिलने वाली है.

सिर्फ संयुक्त राष्ट्र ही नही बल्कि रूस, जापान, यूएई समेत फ्रांस जैसे कई ताकतवर देश ये साफ़ कर चुके है कि वो इस मसले पर जो भारत कह रहा है उसी से सहमत है और ऐसे में पाक को कही से भी कोई भी मदद नही मिलने वाली है जो अपने आप में बार बार उसकी बेज्जती करवाने का सबब बन रही है.