वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बतायी मंदी के पीछे की अनोखी वजह, सभी ने सर पकड़ लिया

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देश में इन दिनों थोड़ी बहुत समस्या चल रही ही और वो है मंदी की आहट. पिछले एक से दो साल से अर्थशास्त्री भी चेता रहे थे कि देश की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार में गिरावट देखने को मिल सकती है और ऐसे में सरकार को तैयार रहने की जरूरत भी है. मोदी सरकार कोशिश कर भी रही है कि इससे लोगो की नौकरियो पर और जीवन स्तर पर फर्क न पड़े लेकिन दुर्भाग्य से फर्क पड़ रहा है और ऑटो सेक्टर में हजारो लोगो की नौकरियाँ जा चुकी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि मंदी का सबसे पहला असर इसी सेक्टर पर पड़ता है.

निर्मला सीतारमण ने ठहराया ओला, उबर और मेट्रो को ऑटो सेक्टर में मंदी के लिये जिम्मेदार
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए कहा ‘आजकल देश में लोग गाडी लेकर ईएमआई भरने की बजाय ओला, ऊबर और मेट्रो से सफ़र करने को वरीयता देते है. इसके पीछे की वजह लोगो के माइंडसेट में हो रहा बदलाव है.’ निर्मला सीतारमण के अनुसार अब लोग जिन्दगी की कशमकश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज्यादा वरीयता देने लगे है क्योंकि ये किफायती और झंझट से मुक्ति देने वाला है.

कितना सही है वित्त मंत्री का तर्क?
वित्त मंत्री का तर्क कितना सही है ये तो कोई सर्वे या कोई आधिकारिक आंकड़ा देखकर के ही पता चल सकता है लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल में बढ़ोतरी का सीधा इतना प्रभाव कि ऑटो सेक्टर में प्रोडक्शन ही ठप्प हो जाना ये कही से भी मेल खाता नजर नही आता है. हालांकि इसे एक कारण माना जा सकता है लेकिन ये मेजर रीजन नही कहा जायेगा.

ट्विटर पर लोग लेने लगे मजे
यूजर्स ने कहा कि इस तरह की बाते व्हाट्स एप्प पर पहले से ही फॉरवर्ड हो रही है. अमेरिका जैसे समृद्ध पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले देश में भी लोग कार खरीदना नही छोड़ रहे है तो भारत में कैसे छोड़ सकते है? अभी जरूरत है कि विजन के साथ में इस समस्या को हल किया जाये और कही न कही ऐसे समय में अरुण जेटली के सोचने और समझने की शक्ति की कमी महसूस होती है.